रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में नमाज के लिए कक्ष आवंटन के विरोध में दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई की. हालांकि इस संबंध में विधानसभा की ओर से दाखिल शपथ पत्र के रेकॉर्ड पर नहीं आ पाने के कारण कोर्ट ने इसकी अगली सुनवाई के लिए आगामी 22 जून की तिथि मुकर्रर की है. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि झारखंड विधानसभा में वर्ष 2021 में नमाज पढ़ने के लिए कक्ष आवंटित हुआ था, किन्तु अजय कुमार मोदी ने इसके विरोध में जनहित याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्र की अदालत ने गुरुवार को इस मामले की सुनवाई की. हालांकि इस संबंध में विधानसभा की ओर से दाखिल शपथ पत्र के रिकॉर्ड पर नहीं आने के कारण आज मामले की सुनवाई नहीं हो सकी. कोर्ट ने इसकी सुनवाई के लिए आगामी 22 जून को अगली तिथि निर्धारित की है. (नीचे भी पढ़ें)
विधानसभा की ओर से दाखिल शपथ पत्र में कहा गया है कि नमाज कक्ष के आवंटन को लेकर सात विधायकों की समिति गठित की गयी है जो आगामी 31 जुलाई को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. समिति अन्य राज्यों में की गयी ऐसी व्यवस्था से संबंधित जानकारियां जुटा रही है. मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्र की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान अधिवक्ता नवीन कुमार ने याचिका कर्ता अजय कुमार मोदी का पक्ष रखा. (नीचे भी पढ़ें)
बता दें कि वर्ष 2021 में झारखंड विधानसभा भवन में अल्पसंख्यकों के नमाज पढ़ने के लिए कमरा आवंटित किया गया था. हालांकि उसके बाद से ही इस मामले में विवाद चल रहा है एवं सत्ता पक्ष एवं विपक्ष में इसको लेकर काफी राजनीति भी हो चुकी है.



