
मुंबई : देश की सबसे बड़ी समूह टाटा से 70 साल पुरानी दोस्ती खत्म करने का अपना प्लान सुप्रीम कोर्ट में सायरस मिस्त्री के परिवार ने सौंप दी है. सायरस मिस्त्री के पारिवारिक व्यापारिक समूह शापुरजी पालन जी समूह ने अपना प्लान सुप्रीम कोर्ट में सौंपा है, जिसमें यह कहा गया है कि वे लोग 70 साल पुरानी अपनी दोस्ती खत्म करना चाहते है. टाटा समूह में जो हिस्सेदारी उनकी है, उसकी कीमत 1.75 लाख करोड़ रुपये है, जिसको अगर टाटा समूह दे देगा तो निश्चित तौर पर टाटा समूह से वे लोग अलग हो जायेंगे. शापुरजी पालनजी मिस्त्री समूह के चिराग सायरस मिस्त्री को 28 अक्तूबर 2016 को रतन टाटा ने चेयरमैन बनाने के बाद हटा दिया था, जिसके बाद से दोनों समूह के बीच बड़ी लड़ाई छिड़ी, जो अभी सुप्रीम कोर्ट तक आ चुकी है. लंबी सुनवाई के बाद आखिरकार सायरस मिस्त्री और उनके समूह ने टाटा समूह से अलग होने का अपना प्लान सौंपा है. टाटा ग्रुप दो ग्रुप कंपनी है, जिसमें एक टाटा ट्रस्ट है. इसमें टाटा परिवार के सदस्य और टाटा कंपनियों की होल्डिंग कंपनियों की 81.6 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि बाकि 18.37 फीसदी होल्डिंग का हिस्सेदारी मिस्त्री परिवार के पास है. टाटा संस मुख्य निवेशक कंपनी है, जिसका टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है. इसका कुल वैल्यू लिस्टेड कंपनियों के आधार पर आंका गया है. शापुरजी पालन कंपनी ने एक बयान में कहा है कि टाटा समूह की टीसीएस में 72 फीसदी हिस्सेदारी है. शापुरजी का टाटा संस में 18.37 फीसदी हिस्सेदारी है. टीसीएस की शेयर होल्डिंग के आधार पर इसे 13.22 फीसदी माना जाये और इसकी वैल्यूएशन आज के बाजार भाव के हिसाब से 1.75 लाख करोड़ रुपये मानी जाये, इसी आधार पर इसका वैल्यूएशन किया गया है.





