
जमशेदपुर : टाटा संस के सम्मानित चेयरमैन सह प्रख्यात उद्योगपति रतन टाटा ने एक बार फिर से अपने सपनों की कार टाटा नैनो के साथ के लगाव को प्रदर्शित किया है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में भारत के इतिहास में सबसे सस्ती कार टाटा नैनो को लांच करने का 10 जनवरी 2008 की तस्वीर को साझा किया है. िसको देश की सबसे किफायती कार मानी गयी थी. हालांकि, इस कार का प्रोडक्शन कंपनी ने करीब 11 साल बाद यानी 2019 में रोक दी थी. लेकिन रतन टाटा ने अपने इसके लगाव और इसको लांच करने के पीछे की सोच को एक बार फिर से अपने पोस्ट में सार्वजनिक किया है. रतन टाटा ने अपने पोस्ट में कहा है कि वे यह बताना चाहते है कि वे किन परिस्थितियों में कैसे इतनी सस्ती कार लाने का आइडिया आया. उन्होंने कहा कि भारतीय परिवारों को स्कूटर में जाते कई बार देखा था, जिसमें माता पिता के बीच में बच्चे सैंडविच की तरह बारिश में भिंगते हुए आते जाते दिखते थे. चाहे फिसलन भरी सड़क ही क्यों नहीं हो, सारे लोग ऐसे ही स्कूटर में सवारी करते दिखते थे. उन्होंने कहा कि वे आर्किटेक्ट स्कूल में पढ़ायी किये है, जिसका लाभ उनको मिला कि खाली समय में कम से कम इस तरह की खोज करती रही जाये. उन्होंने कहा कि सबसे पहले हम चाह चाहते थे कि दोपहिया वाहन को ही इतना सुरक्षित बना दिया जाये कि बच्चे और माता पिता आराम से जा सके. हम लोगों एक बग्घी के तौर पर एक गाड़ी बनायी, जिसमें किसी तरह का कोई खिड़की, कोई दरवाजा नहीं था. लेकिन अंतत: हमने तय किया कि एक सस्ती कार ही बनायी जाये, जो सभी लोगों के पहुंच तक हो सके. आपको बता दें कि जनवरी 2008 के ऑटो एक्सपो में रतन टाटा ने इस कार की लांचिंग की थी, जिसकी शुरुआती कीमत सिर्फ 1 लाख रुपये थी. मार्च 2009 में इस बाजार को लांच किया था. बाद में कार की मांग घटने लगी. आखिरी बार नैनो का प्रोडक्शन दिसंबर 2008 में किया गया था, जब साणंद प्लांट से 82 यूनिट्स का उत्पादन किया था. इसके बाद इसको कम डिमांड के कारण बंद कर दिया गया था.





