नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने एक बार फिर से जानकारी साझा की है कि सहारा इंडिया के निवेशकों का पैसा लौटाने की प्रक्रिया चल रही है. जो लोग भी इसके लिए आवेदन करेंगे, उनको यह पैसे दिये जायेंगे. केंद्र सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा में अपना जवाब देते हुए कहा है कि उच्चतम न्यायालय के 29 मार्च 2023 के आदेश के अनुपालन में सहारा समूह की चार बहुराज्य सहकारी समितियों, अर्थात् सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड लखनऊ, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज़ सोसाइटी लिमिटेड भोपाल, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड कोलकाता और स्टार्स मल्टीपर्पज़ कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड हैदराबाद के प्रामाणिक जमाकर्ताओं को उनकी वैध धनराशि के रिफंड दावे प्रस्तुत करने 18 जुलाई 2023 को सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल https://mocrefund.crcs.gov.in का शुभारंभ किया गया है. केंद्र सरकार ने बताया है कि संवितरण (पैसों को लौटाने की प्रक्रिया) की यह संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल और कागज़रहित है जिसे उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी के पर्यवेक्षण और निगरानी में न्याय मित्र गौरव अग्रवाल की सहायता से संचालित किया जा रहा है. (नीचे भी पढे़ं)
केंद्र सरकार ने बताया है कि इस पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों को उचित पहचान और जमा राशि के साक्ष्य प्रस्तुत करने के उपरांत पारदर्शी रीति से प्रोसेस किया जा रहा है. यह भुगतान प्रामाणिक जमाकर्ताओं के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधा जमा किया जा रहा है. वर्तमान में सहारा समूह के प्रत्येक प्रामाणिक जमाकर्ताओं को उनके सत्यापित दावों के लिए उनके आधार से जुड़े बैंक खातों के माध्यम से 50000 रुपए तक के भुगतान का संवितरण किया जा रहा है. इसके अलावा, पोर्टल पर किसी जमाकर्ता के प्राप्त आवेदन में किसी कमी की दशा में उन्हें इन कमियों से अवगत कराया जा रहा है और उन्हें 15 नवंबर 2023 को लांच हो चुकी री-सबमिशन पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन पुनः प्रस्तुत करने की सूचना दी जा रही है. उच्चतम न्यायालय ने सहारा-सेबी रिफंड खाते से 5000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि को सहकारी समितियों के केंद्रीय पंजीयक को अंतरित करने का आदेश दिया है और जमाकर्ताओं को रिफंड संवितरित करने की समय-सीमा को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है. 20 जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार सहारा समूह की सहकारी समितियों के 39 लाख 46 हजार 550 जमाकर्ताओं को 8429.42 करोड़ रुपये की राशि का संवितरण किया गया है. मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार “सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल” पर जमाकर्ताओं का जिला वार, लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र-वार ब्योरा नहीं रखा जाता है. लेकिन केंद्र सरकार ने राज्यों के हिसाब से कितने निवेशक का पैसा या दावा आया है और कितना लौटाया जाना है और कितना लौटाया जा चुका है और कितना का प्रोसेस जारी है, इसकी पूरी जानकारी साझा की है. (नीचे भी पढे़ं)
यह जानकारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है. इसके तहत बताया गया है कि पूरे देश में कुल ऐसे आवेदन 1,43,75,313 है जबकि 97412.19 करोड़ रुपये लौटाये जाने है, जिसमें से 39,46,550 आवेदन का प्रोसेस हो रहा है और अब तक 8429.42 करोड़ रुपये लोगों को लौटाये जा चुके है. केंद्र सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी है कि झारखंड में 13 लाख 95 हजार 418 लोगों के आवेदन पैसे वापसी का आया है. इसमें कुल 9832 करोड़ रुपये लोगों को पैसा लौटाया जाना है. इसमें से 3 लाख 73 हजार 588 आवेदन को प्रोसेस किया गया है और 847.67 करोड़ रुपये अब तक लौटाये जा चुके है. (नीचे भी पढे़ं)
सीआरसीएस सहारा रिफंड पोटर्ल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों और किये गए रिफंड का राज्यवार
ब्योरा (20 जनवरी 2026 की स्थिति के अनुसार)
राज्य का नाम—प्राप्त आवेदन—-कुल दावा धन राशि (करोड़ रुपये में—-प्रोसेस किये गये आवेदन—लौटायी गयी राशि (करोड़ रुपये में)
आंध्र प्रदेश-–384038—2582—81491—197.75
अरुणाचल प्रदेश—259—3.03—49—012
असम—487025—2762—103367—200.30
बिहार—2800657—18062—968713—1892.89
छत्तीसगढ़—432384—2991—71969—176.63
गोवा—10248—117.08—3883—8.70
गुजरात-–563436—3881—55774—136.63
हरियाणा—200641—1734—65466—177.23
हिमाचल प्रदेश—25137—237.98—11592—28.90
झारखंड—1395418—9832—373588—847.67
कनार्टक—37189—359.39—11862—25.66
केरल——70——1.05——15—0.05
मध्य प्रदेश—906661—6689—155049—355.04
महाराष्ट्र—128061—1214.23—34467—82.49
मणिपुर—870—7.41—410—0.84
मेघालय—90—0.47—15—0.03
मिजोरम-–58—3.35—14—0.03
नागालैंड—346—3.45—87—0.19
ओडिशा—1144561—7204—340204—707.56
पंजाब—41016—369.74—16551—42.92
राजस्थान—1213140—9336.48—246118—604.44
सिक्किम—1125—34.60—199—0.54
तमिलनाडु—1707—20.85—342—0.95
तेलंगाना—79709—742.91—33493—94.64
त्रिपुरा—29999—205.28—14428—27.86
उत्तर प्रदेश—3566550—23081—1079800—2228.27
उत्तराखंड—61060—455.56—29459—74.30
पश्चिम बंगाल—739677—4246—203185—397.04 (नीचे भी पढे़ं)
केंद्र शासित प्रदेश का बकाया :
अंडमान और निकोबार—218—1.79—43—0.09
चंडीगढ़ (संघ राज्यक्षेत्र)—5048—63.64—1912—5.18
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव (संघ राज्यक्षेत्र)—1333—21.53—73—0.17
दिल्ली—117399—1146.56—42896—114.25
जम्मू और कश्मीर—80—0.92—19—0.04
पुडुचेरी (संघ राज्यक्षेत्र)—101—0.88 —17—0.02
लक्षद्वीप (संघ राज्यक्षेत्र)—2—0.01—0—0.00
लद्दाख (संघ राज्यक्षेत्र)—0—0.00—0—0
महायोग—1,43,75,313—97,412.19— 39,46,550—8,429.42







