
सरायकेला : वर्षों से बंद पड़ी बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड (बीएसआईएल) को चलाने के लिए अधिकृत संचालनकर्ता वनराज स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड (वीएसपीएल) आखिरकार अनिश्चितकाल के लिए बंद हो गयी. शनिवार को कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रंजीत चौधरी ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त अरवा राजकमल को पत्र लिख कंपनी की व्यथा बतायी. उपायुक्त को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि पंचग्राम विस्थापित व प्रभावित समिति के पदाधिकारी व सदस्यगण आसुतोष बेसरा, मदन प्रसाद, गिरिधारी महतो, सुभाषचंद्र महतो, अरुण टुडू तथा गांव के दर्जनों लोगों ने प्लांट परिसर में अनाधिकृत प्रवेश कर कर्मचारियों के साथ मारपीट की है, जिसकी सूचना पुलिस और प्रशासन के वरीय अधिकारियों को दी गयी हैं. उपरोक्त लोग पूर्व में भी इस तरह की घटना को अंजाम दे चुके हैं तथा बार-बार ठेकेदारी व जबरन नियोजन को लेकर लोगों को बरगला रहे हैं व कारखाना संचालन बार बार बंद करा दे रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
जमीन विक्रेता, पूर्व कर्मचारी व आसपास के लगभग 400 से अधिक ग्रामीणों को प्रबंधन ने रोजगार दिया है तथा वे लोग कार्य कर रहे हैं, साथ ही प्रबंधन कर्मचारी नियोजन क्षमता से अधिक 500 लोगों को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार पर रखा है व इनका पारिश्रमिक दे रहा है. इसके बावजूद प्रबंधन ने कई बार चर्चा भी की और प्रशासन को भी अवगत कराया था, प्रशासन का हस्तक्षेप भी हुआ कि प्लांट को चलाया जाये और लोगों को प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिले तथा सरकार को भी वाणिज्य कर मिल सके, जिससे चांडिल व आसपास का विकास हो सके. (नीचे भी पढ़ें)
किन्तु उपरोक्त लोग प्लांट को बार-बार अवरोध उत्पन्न करके कारखाना संचालन को बाधित कर रहे हैं और कर्मचारियों व वाहनो का आना-जाना बंद कर दिया है, जिस कारण कारखाने को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है. इस स्थिति को देखते हुए प्रबंधन ने यह निश्चय किया है कि जबतक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती है और जब तक समिति व प्रशासन के द्वारा लिखित रूप से आश्वस्त नहीं दिया जाता तब तक बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड/ वनराज स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड कारखाने का संचालन स्थगित करते हुए अनिश्चितकालीन के लिए बंद रखा जायेगा. इससे श्रमिकों का पारिश्रमिक भी प्रभावित होगा, जिसकी पूर्ण रूप से जिम्मेवारी पंचग्राम विस्थापित व प्रभावित समिति के पदाधिकारी, सदस्यों व ग्रामीणों की होगी.





