
सरायकेला : जिला पुलिस ने लॉकडाउन खत्म होते ही एक मानवीय चेहरा प्रस्तुत करते हुए बड़ा कारनामा झारखंड सरकार के सामने पेश किया है. आपको बता दें सरायकेला जिला पिछले करीब 15 सालों से लगातार नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में जुटा हुआ है. पड़ोसी जिलों में भी लगातार नक्सली वारदातें होती चले आ रही हैं. वहीं रायजामा के पास सरायकेला एसपी मोहम्मद अर्शी ने लगातार कांबिंग ऑपरेशन चलाकर ऐसे तमाम लोगों के बीच अपनी अलग छाप छोड़ी है जिसका असर अब दिखाई देने लगा है. तीन लाख के इनामी नक्सली राकेश मुंडा उर्फ सुखराम मुंडा के साथ एक महिला चांदनी सरदार ने मुख्यधारा से जुड़ते हुए आत्मसमर्पण किया है.

एसपी ने बताया कि यह पूर्व में कई मामलों के वांछित अपराधी रहे हैं. कुचाई में पुलिस की गाड़ी उड़ाने वाले दस्ते में भी इन नक्सलियों की पहचान हुई है. नक्सली अभियान के दौरान दोनों नक्सली एक दूसरे के काफी करीब आ गए थे, जिससे उन दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गया. लेकिन साधारण जीवन से दूर होने के कारण आगे का जीवन एक साथ नहीं बिता पा रहे थे. इसे देखते हुए इन दोनों ने मुख्यधारा में जुड़कर आम जीवन जीना उचित समझा और सरायकेला एसपी के समक्ष आत्मसमर्पण किया है. पुलिस ने तत्काल इन्हें एक-एक लाख रुपए नकद राशि का पुरस्कार भी दिया है.






