
सरायकेला : सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर में शनिवार को अजीबोगरीब एक घटना घटी. राजनगर के रहने वाले चांगुआ गांव के पाकु महतो का बड़ा बेटा पंकज का देहांत पांच साल पहले हो गया था. उसको किसी जहरीले सांप ने काट दिया था. उसकी मौत के पांच साल हो गया. लेकिन शनिवार को अचाक से एक युवक चांगुआ गांव में आया. उसको देखकर ग्रामीण भी भौंचक रह गये. पांच साल पहले जिस पंकज की मौत हो गयी थी, उसका हमशक्ल वह लड़का था. इसकी खबर जंगल में आग की तरह गांव में फैल गयी. यह हल्ला हो गया कि पाकु महतो का बेटा जिंदा वापस लौटकर आ गया है. हालांकि, अंतिम संस्कार तक युवक का हो गया था, इस कारण लोगों को सहसा विश्वास नहीं हो रहा था, लेकिन लोग दौड़े चले आये और उसको देखने के लिए भीड़ लग गयी. वह युवक अवाक था और कुछ नहीं बोल रहा था. उसने बताया कि वह भटककर उस गांव में आ गया है. लेकिन शुक्रवार की शाम ग्रामीणों और उस परिवार के सदस्यों द्वारा हिंदी भाषा मे पूछे जाने पर वह युवक जब अपना मुंह खोला तो पूरा मामला साफ हो गया. युवक ने बताया कि वह बिहार राज्य के सहरसा जिले का रहने वाला है, जो काम की तलाश में 45 दिन पहले अपने घर से निकला था. (नीचे देखे पूरी खबर)

लेकिन भटकते-भटकते वह राजनगर पहुंच गया और एक विक्षिप्त की तरह राजनगर में दो दिनों से घुम रहा था. उन्होंने बताया कि 39 दिनों तक खाने को भी नही मिला केवल यहां वहां पानी पीकर गुजारा कर रहा था. वहीं चांगुआ गांव में एक भोज कार्यक्रम में ग्रामीणों ने जब उस युवक को खाना मांगते देखा तो ग्रामीणों और पाकु महतो के परिवार ने देखा कि उस युवक की शक्ल हूबहू मृतक पंकज महतो जैसा ही है. उसको पाकु महतो ने अपना बेटा मान कर घर ले गए, जहां उसे बड़े प्यार से खाना खिलाया गया और उसे घर में रहने दिया गया. वहीं शुक्रवार की शाम उसने अपना पूरा घटनाक्रम ग्रामीणों को बताया तब मामले का खुलासा हो पाया. यहां तक की उस लड़के ने अपने एक मामाजी का मोबाइल नंबर दिया, जिससे पता चला कि वह बिहार से भटकते हुए यहां आ पहुंचा है, जिसके बाद ग्रामीणों ने उसे युवक को सुरक्षित राजनगर पुलिस के हाथों सौप दिया. वहीं शनिवार को बिहार से भटके हुए युवक के परिजन उसे लेने आ रहे है. जो रात तक पहुंच सकते है. इस प्रकार चांगुआ गांव के इस अदभुत मामले का खुलासा हो गया और बिहार से गुमशुदा हुआ युवक प्रदीप यादव को वापस अपने घर पहुंचने की उम्मीद जगी. फिलहाल वह युवक अभी राजनगर थाने में सुरक्षित है, जिसे परिजनों के हाथों सौंप दिया जाएगा.




