
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में बिरसानगर थाना के सामने रहने वाले मुकुल डुंगडुंग की हुई मौत की जांच जमशेदपुर के सिटी एसपी के शंकर, टेल्को थाना प्रभारी रणविजय शर्मा समेत कई पदाधिकारियों ने भी की है. फैक्ट्री इंस्पेक्टर की भी एक टीम ने वहां का दौरा किया है. वहां यह पाया गया है कि बड़ी लापरवाही बरती गयी है. बताया जाता है कि टाटा मोटर्स की गाड़ी का फाइनल टच घटनास्थल पर ही होती है. यह एक गड्ढा का कंवेयर होता है, जहां घुसकर कर्मचारी गाड़ी के निचले एरिया में काम करते है और ऊपर आ जाते है. उसमें जाने के दौरान और निकलने पर इंट्री होती है. लेकिन उक्त कर्मचारी वहां कैसे पहुंचा, यह किसी को मालूम नहीं. अगर काम करने भी गया तो वह बाहर नहीं निकला तो रजिस्टर में इसकी इंट्री क्यों नहीं हुई. सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला है क्योंकि उसका नीचे सीसीटीवी नहीं लगा हुआ है. सोमवार को बी शिफ्ट यानी दोपहर 2 बजे से लेकर रात 10 बजे की ड्यूटी पर मुकुल डुंगडुंग गये थे. उसके बाद वे नहीं लौटे. करीब 24 घंटे तक टाटा मोटर्स के किसी कर्मचारी या पदाधिकारी को यह सुध लेने की फुर्सत नहीं रही कि वह कर्मचारी, जो कंपनी के भीतर आया, वह बाहर नहीं निकला. जो इतना महत्वपूर्ण स्थान था, वहां भी कोई इंस्पेक्शन नहीं हो पाया. मंगलवार की देर शाम को लाश बरामद हुआ है. यह घोर लापरवाही है. वैसे परिजन इसको हत्या बता रहे है. वैसे काफी दिनों से वह कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं जा रहा था. दो दिनों पहले से ही ड्यूटी पर जाने की शुरुआत की गयी है. यह लापरवाही नहीं हत्या है. अब पुलिस परिवार के लिखित आवेदन का इंतजार कर रही है. आपको बता दें कि टाटा मोटर्स के प्लांट के लाइन वन के कन्वेयर में एक स्थायी कर्मचारी मुकुल डुंगडुंग का शव फंसा हुआ पाया गया. उक्त कर्मचारी बिरसानगर थाना के पास रहने वाला मुकुल डुंगडुंग था, जिसकी लाश बरामद की गयी. उसके शव को टाटा मोटर्स अस्पताल में रख दिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए बुधवार को भेजा जायेगा. उक्त कर्मचारी सोमवार को बी शिफ्ट में ड्यूटी पर गया था. बी शिफ्ट की ड्यूटी के बाद से वह घर नहीं आया. मंगलवार की शाम करीब 5 बजे उसका शव बरामद किया गया. उसका शव कन्वेयर में फंसा हुआ था. कंपनी की ओर से अब तक अधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गयी है.






