
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स अपने जमशेदपुर समेत देश भर के प्लांट से करीब 1600 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है. टाटा मोटर्स की ओर से मंदी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. कंपनी के कर्मचारियों पर होने वाले खर्च बढ़ गया है. इसको रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. वोलंटरी रिटायरमेंट स्कीम (वीआरएस) लाकर कंपनियों के खर्च को कम करने की योजना बनायी गयी है. जमशेदपुर के कॉमर्शियल यूनिट से लेकर पैसेंजर कार बनाने वाले प्लांट में भी इस नये स्कीम को लाया जायेगा. कंपनी के कर्मचारियों पर होने वाले लागत खर्च 5.9 फीसदी से बढ़कर 10.7 फीसदी हो चुका है. सितंबर माह में यह बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है. टाटा मोटर्स के बिक्री में करीब 44 फीसदी की गिरावट दर्ज कियाग या है. करीब 1281.97 करोड़ का नुकसान कंपनी को उठाना पड़ा है. वैसे टाटा मोटर्स प्रबंधन खुद इस बारे में कुछ भी कहने से साफ तौर पर बच रहा है. टाटा मोटर्स के वैसे बिक्री और मुनाफा की बात की जाये तो हेवी और मीडियम कॉमर्शियल गाड़ियों में करीब 59 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी है. बीएस 6 के आने के बाद से यह गिरावट लगातार दर्ज किया जा रहा है. अगले पांच साल तक यह घाटा बरकरार रह सकता है, जिसको लेकर कंपनी ने अपने खर्च में कटौती करने की शुरुआत कर दी है.



