
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में बतौर सुरक्षाकर्मी तैनात परसुडीह के राहरगोड़ा निवासी आलोक रंजन ने रविवार की देर रात को दम तोड़ दिया. वह 31 मार्च को अपने ही शरीर पर किरासन तेल छिड़ककर खुदकुशी कर ली थी, िजसके बाद वह करीब 80 फीसदी जल गया था. उसको इलाज के लिए टाटा मोटर्स अस्पातल में भरती कराया गया था, लेकिन वहां स्थिति बिगड़ गयी तो उनको टीएमएच रेफर कर दिया गया, जिसके बाद उसका इलाज टीएमएच में चल रहा था, जहां रविवार की रात उसकी मौत हो गयी. घटना के बाद से पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है. बताया जाता है कि आलोक रंजन टाटा मोटर्स में बाइसिक्स कर्मचारी है और सिक्यूरिटी विभाग में कार्यरत था. उसका 31 मार्च को अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया. इसके बाद दोनों में काफी ज्यादा झगड़ा हो गया. झगड़ा होने के बाद आलोक ने अपने ही घर में रखे किरासन तेल को अपने बदन पर डाल लिया और खुद को आग के हवाले कर दिया. आग लगने के बाद जब पत्नी चिल्लाने लगी, तब आसपबास के लोग पहुंचे और आग को बुझाया, लेकिन तब तक काफी देर हो गया था. आलोक की हालत काफी गंभीर थी. करीब छह दिनों के बाद उसकी मौत हो गयी. टाटा मोटर्स के सुरक्षाकर्मी की मौत की सूचना परिजनों के अलावा कंपनी प्रबंधन को भी दे दी गयी है. इस घटना से कर्मचारियों में शोक का माहौल है.





