
जमशेदपुर : टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन की संयुक्त सर्वोच्च कमेटी जेसीसीएम की एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन के अलावा तमाम वीपी और अन्य वरीय पदाधिकारियों के अलावा टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय समेत अन्य लोग मौजूद थे. यह मीटिंग ऑनलाइन ही हुई, जिसमें सारे पदाधिकारियों को जोड़ा गया था. शुरुआत में चेयरमैन के तौर पर एमडी ने अपने संबोधन में साफ तौर पर कहा कि कंपनी के पूरे बजट में जो खर्च है, उसमें सबसे ज्यादा फिक्स कॉस्ट है यानी ऑफिसर या नन ऑफिसर का वेतन से लेकर तमाम कई ऐसी चीजें है, जिसको किसी भी हाल में देना ही पड़ेगा. ऐसे खर्चों में 15 से 20 फीसदी की कटौती करना जरूरी होगा. उन्होंने यह भी कहा कि अब ट्रैवल कम हो जायेगा और सारा सिस्टम तकनीक पर ही चलने जा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि अब अपने आपको भी बदला जाये और सतर्क रहकर सारा काम किया जाये. इस सतर्कता में जरा भी लापरवाही निश्चित तौर पर नुकसानदेह साबित हो सकती है. इस कारण सबको जरूरी है कि खर्च में कटौती करना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और सैनिटाइजेशन के साथ सबको चलना ही होगा. इस दौरान कई सारे मुद्दों पर भी चर्चा की गयी. एमडी ने साफ तौर पर कहा कि अभी कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा अभी जरूरी नहीं है कि तुरंत हट जाये. काफी समय इसमें लग सकता है, जिस कारण दीर्घकालीन योजना पर अमल किया जा रहा है जबकि कम समय पर कई योजनाओं को लागू किये जा रहे है, जिस पर सबको अमल करना ही होगा.
टाटा स्टील के मैनेजमेंट व टाटा वर्कर्स यूनियन के अधिकारियों ने क्या कहा-
संजीव पॉल, वीपी सेफ्टी-कंपनी में प्रवेश के लिए लागू होगा इ-परमिट सिस्टम ताकि किसी तरह परमिट के लिए लाइन लगने की जरूरत नहीं पड़े. इसके अलावा कंपनी में अब कैमरा से ही मास्क कोई पहना है या नहीं और सोशल डिस्टेंसिंग हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच की जायेगी.
सुरेश दत्त त्रिपाठी, वीपी एचआरएम-कर्मचारियों का स्वास्थ्य जांच अब अनिवार्य होगा. ट्रैवल हिस्ट्री बताना और आरोग्य सेतू को सारे लोग डाउनलोड करें यह सुनिश्चित करना होगा. वार्षिक जेडीसी भी अब ऑनलाइन ही होगा ताकि किसी तरह का कोई जमावड़ा नहीं होगा.
डॉ राजन चौधरी, जीएम, मेडिकल सर्विसेज-कोविड को लेकर हर कोई तैयार है. टीएमएच और पूरा टाटा स्टील के स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह तैयार है. अकेले टीएमएच में 600 बेड पूरी तरह तैयार है.
आर रवि प्रसाद, अध्यक्ष, टाटा वर्कर्स यूनियन-टाटा स्टील मैनेजमेंट और यूनियन संयुक्त रुप से कोविड की लड़ाई में काम करेगी. इसके लिए हर संभव कोशिशें की जा रही है. मैनेजमेंट की ओर से कर्मचारियों के लिए इस संकट के दौर में काफी उदारता दिखायी है, जिसके लिए वे आभारी है.
सतीश सिंह, महामंत्री-क्रेन ऑपरेशन समेत कई विभाग ऐसा है, जहां चार घंटे का काम होता है या छह घंटे का काम होता है और उनको आराम दिया जाता है. इस तरह सोशल डिस्टेंसिंग को बरकरार रखने के लिए जितना जरूरी हो, उतना काम लिया जाये और फिर छुट्टी देकर सबको घर भी भेजा जा सकता है. इसके अलावा पंचिंग सिस्टम में भी बदलाव की जरूरत है, जहां लोगों की भीड़ काफी ज्यादा हो जाती है.
अरविंद पांडेय, डिप्टी प्रेसिडेंट-सैनिटाइजेशन के लिए आरएंडडी साइंटिफिक सर्विसेज और जुस्को ने जो मेहनत किया है, वह काबिलेतारीफ है. जगह-जगह सैनिटाइज करने का जो काम किया जा रहा है, वह काफी अच्छा है, जिसको बरकरार रखा जाना चाहिए.
शहनवाज आलम, उपाध्यक्ष-कर्मचारियों के ऑनलाइन ट्रेनिंग की व्यवस्था हो. सारे मॉड्यूल को ऑनलाइन ही पढ़ाई कराया जाये. इस पर वीपी एचआरएम ने कहा कि सारे कोर्स और मॉड्यूल को ऑनलाइन ही कराने के लिए इंतजाम कर लिया गया है, जिसकी लांचिंग जल्द कर दी जायेगी.
हरिशंकर सिंह, उपाध्यक्ष-टाटा स्टील के सारे गेट समेत अन्य हिस्सों में सिक्यूरिटी के जवान तैनात रहते है. उनको पानी, बरसात, धूप में खड़ा रहना होता है. उनके लिए धूप और पानी से बचाव का उपाय होना चाहिए. इस पर वीपी ने कहा कि इसका अप्रुवल हो चुका है और काम जल्द शुरू हो जायेगा.
नितेश राज, सहायक सचिव-चूंकि, ऑनलाइन सिस्टम को लागू किया जा रहा है, इस कारण मोबाइल से टैब दे दिया जाये. टैब के माध्यम से ही लोगों को काम करने में आसानी होगी. मोबाइल से दिक्कत होती है.
धर्मेंद्र उपाध्याय, सहायक सचिव-कंपनी के सारे हेल्थ सेंटर में जांच और इलाज की और व्यवस्था को बेहतर किया जाये.
प्रभात लाल, कोषाध्यक्ष-जिस तरह कोरोना वारियर्स का बीमा कराया जा रहा है, उसी तरह टाटा स्टील के कर्मचारी भी संकट की इस घड़ी में कोरोना के संकट के बीच काम कर रहे है. इस कारण टाटा स्टील के कर्मचारियों का भी बीमा कराया जाना चाहिए. इस पर यह कहा गया कि बीमा से ज्यादा सुविधा टाटा स्टील खुद से देती है, इस कारण बीमा लागू नहीं किया जा सकता है.
कमलेश सिंह, सहायक सचिव-टाटा स्टील के एमडी ने सुरक्षाकर्मियों के बीच जो घुमे है, वह काफी सराहनीय कदम है. इस तरह का मोरल बुस्टिंग कर्मचारियों का होते रहने से बेहतर होगा.





