जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों का बोनस समझौता अगले सप्ताह हो जायेगा. कंपनी प्रबंधन और यूनियन के बीच लगभग तय कर लिया गया है कि किस तरह का समझौता किया जाना है. पुराना फार्मूला में बदलाव किया जा रहा है, जिसमें आंशिक बदलाव के बाद बोनस का समझौता किया जायेगा. फिलहाल नये फार्मूला को लेकर बातचीत नहीं हुई है. यह कोशिश की जा रही है कि बोनस को पुराना फार्मूला के मुताबिक ही करा लिया जाये, जिससे कर्मचारियों को काफी लाभ मिल जाये. लेकिन मैनेजमेंट का कहना है कि नया फार्मूला बनाया जाये जो तीन साल तक के लिए हो. यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह संयुक्त रुप से इसको लेकर फूंक-फूंककर कदम उठा रहे है ताकि किसी तरह का कोई दिक्कतों का सामना करना नहीं पड़े. यूनियन के तीनों नेता परिपक्व नेता के तहत यह कोशिश कर रहे है कि किसी भी तरह अभी नया फार्मूला नहीं बनाया जाये और पुराने में ही कुछ रद्दोबदल कर नये सिरे से समझौता कर लिया जाये और फार्मूला को लेकर अलग से बातचीत की जाये. फिलहाल, पुराना या नया फार्मूला के बीच यह वार्ता उलझी हुई है. टाटा स्टील की वीपी एचआरएम अतरई सान्याल के स्तर पर भी वार्ता हुई है. वैसे कई वरीय अधिकारी नहीं है. यह बताया जा रहा है कि टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन 8 और 9 सितंबर को जमशेदपुर में रहेंगे. इस दौरान ही बोनस का समझौता होने की उम्मीद जतायी जा रही है. इस बार चूंकि प्रोफिट कंपनी को ज्यादा हुआ है, इस कारण यह कोशिश की जा रही है कि प्रोफिट के आधार पर ही बोनस हो. वैसे भी बोनस की राशि प्रोफिट शेयरिंग ही होती है, जिस फार्मूला के तहत ही बेहतर बोनस कराने की कोशिश यूनियन कर रही है. फिलहाल, इसको लेकर काफी गोपनीयता बरती जा रही है. लेकिन यह तय है कि अगले सप्ताह बोनस का समझौता हो ही जायेगा.
पिछले साल का बोनस समझौता एक नजर में :
टाटा स्टील के बोनस समझौता के तहत पुराने फार्मूला के जरिये राशि दी गयी थी. आर रवि प्रसाद की अध्यक्षता वाली यूनियन की ओर से किये गये बोनस समझौता के फार्मूला के आधार पर ही इस बार भी बोनस समझौता किया गया है, जिसके तहत कंपनी के मुनाफा 9752.13 करोड़ रुपये के एवज में 146.28 करोड़ रुपये, सेलेबल स्टील 12.04 टन था, प्रोफिटेबिलिटी 8098 प्रति टन सेलेबल स्टील पर 51.5 करोड़ रुपये, क्रूड स्टील की बिक्री 12.19 टन और कर्मचारी कुल है 22871, जिसकी प्रोडक्टिविटी के तहत 533 प्रति कर्मचारी प्रति टन प्रति वर्ष के लिहाज से इस पर 72.5 करोड़ रुपये मिला है. सेफ्टी पर एक भी रुपये नहीं दिया गया. तय समझौता के तहत कर्मचारियों को 270.28 करोड़ रुपये बांटे गये थे. इसके तहत कुल 22871 कर्मचारियों के बीच यह राशि बंटेगी, जिसमें जमशेदपुर प्लांट में 12558 कर्मचारी है. अगर प्रतिशत के आधार को निकाला जाये तो बोनस की राशि करीब 16 फीसदी होती है, उससे पहले के साल में 12.9 फीसदी राशि है. पिछले साल बोनस के मद में कुल 235.54 करोड़ रुपये कर्मचारियों के बीच बांटे गये थे.





