जमशेदपुर : टाटा स्टील के बोनस को लेकर मंगलवार को एक बार फिर से आइआर के अधिकारी जुबिन पालिया और उनकी टीम के साथ टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह के बीच वार्ता हुई. करीब दो घंटे तक चली इस मीटिंग के दौरान कोई नतीजा नहीं निकला. मैनेजमेंट की ओर से कहा गया कि हर हाल में टाटा स्टील के कर्मचारियों को बेहतर बोनस दिया जायेगा, लेकिन पहले तीन साल का बोनस का नया फार्मूला बना लिया जाये, जिसके आधार पर बोनस किया जायेगा. वैसे यूनियन चाहती है कि चूंकि इस बार कंपनी को काफी ज्यादा प्रोफिट हुआ है, इस कारण पुराने ही फार्मूला पर बोनस कराया जाये. बताया जाता है कि यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु ने मंगलवार की बैठक में दो टूक कह दिया कि कर्मचारियों ने काफी मेहनत किया है. कंपनी को मुनाफा ज्यादा हुआ है तो हर हाल में उनको भी बोनस ज्यादा दिया जाना चाहिए क्योंकि मैनेजमेंट ही कहता रहा है कि यह प्रोफिट शेयरिंग बोनस है. इस कारण बेहतर प्रोफिट के साथ बेहतर बोनस करा दिया जाये. आपको बता दे कि मैनेमजेंट के साथ सोमवरा को हुई बैठक में यह बताया गया था कि वित्तीय वर्ष 2021-2022 में कंपनी का मुनाफा 33011 करोड़ रुपये हुआ था, जिसमें से 6548 करोड़ रुपये टाटा स्टील मेरामंडली यानी अधिग्रहित भूषण स्टील का मुनाफा है. वहीं, 1547 करोड़ रुपये एक्सेपसनल आइटम है, जिसको काटने के बाद जमशेदपुर में बोनसेबुल अमाउंट यानी मुनाफा की राशि 24915 करोड़ रुपये हो जाता है. पिछले साल पुराने फार्मूला के तहत प्रोफिट पर 1.5 फीसदी, इसके अलावा प्रोफिटेबिलिटी, प्रोडक्टिविटी और एलटीआइएफआर के आधार पर बोनस दिया गया था. इस बार प्रोफिट, प्रोफिटेबिलिटी, प्रोडक्टिविटी और एलटीआइएफआर बेहतर स्थिति में है. इस कारण बेहतर ही हर हाल में बोनस होगा. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष ने दलील दी है कि डिविडेंड शेयरधारकों को काफी ज्यादा दिया गया है. कर्मचारी की मेहनत का ही असर है, इस कारण बोनस पुराना फार्मूला के तहत ही दिया जाये ताकि बेहतर बोनस हो सके और अतिरिक्त लाभ भी कर्मचारियों को दिया जाये ताकि कर्मचारियों का मोरल हाइ हो सके. इसको लेकर अभी वार्ता अगले दिन के लिए टाल दिया गया है. उम्मीद जतायी जा रही है कि गुरुवार या शुक्रवार तक बोनस समझौता हो जायेगी, जिसको लेकर तैयारी की जा रही है. (नीचे देखे पूरी खबर)

पिछले साल ऐसा हुआ था बोनस
पिछले साल कंपनी के मुनाफा 9752.13 करोड़ रुपये के एवज में 146.28 करोड़ रुपये, सेलेबल स्टील 12.04 टन था, प्रोफिटेबिलिटी 8098 प्रति टन सेलेबल स्टील पर 51.5 करोड़ रुपये, क्रूड स्टील की बिक्री 12.19 टन और कर्मचारी कुल थे 22871, जिसकी प्रोडक्टिविटी के तहत 533 प्रति कर्मचारी प्रति टन प्रति वर्ष के लिहाज से इस पर 72.5 करोड़ रुपये मिला था. सेफ्टी पर एक भी रुपये नहीं दिया गया गया. तय समझौता के तहत कर्मचारियों को 270.28 करोड़ रुपये बांटे गये थे. इसके तहत कुल 22871 कर्मचारियों के बीच यह राशि बांटी गयी थी, जिसमें जमशेदपुर प्लांट में 12558 कर्मचारी पिछले साल थे. अगर प्रतिशत के आधार को निकाला जाये तो बोनस की राशि करीब 16 फीसदी हुई थी, उससे पहले के साल में 12.9 फीसदी राशि हुई थी. पिछले साल बोनस के मद में कुल 235.54 करोड़ रुपये कर्मचारियों के बीच बांटे गये थे.




