
जमशेदपुर : टाटा स्टील के अधिकारी, कर्मचारी या ठेकेदार अगर टाटा स्टील और सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन की अवेहलना करते हुए कोरोना वायरस के मामले में जरा सी भी चूक या लापरवाही करते है तो उनके खिलाफ वर्क्स स्टैंडिंग ऑर्डर के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी. इसके लिए टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी के स्तर पर एक सरकुलर जारी किया गया है, जिसके अधीन आने वाले सारे अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि काफी निर्देशों के बावजूद यह देखा जा रहा है कि कर्मचारी या अधिकारी अपना ट्रैवल हिस्ट्री छिपा दे रहे है या कोरोना पोजिटिव मरीजों के संपर्क में आने के बावजूद उसको छुपा दे रहे है. इसको कंपनी के साथ धोखाधड़ी मानते हुए कंपनी प्रबंधन कार्रवाई करने जा रही है. इसके तहत कहा गया है कि अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी के घर कोई मेहमान भी आता है जो बाहर से आता है, उसको स्क्रीनिंग नहीं कराया जाता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा होम क्वारंटाइन और इंस्टीच्यूशनल क्वारंटाइन करने के नियमों का भी उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जायेगी. किसी तरह का रिस्क अगर कंपनी के भीतर कोई कर्मचारी या अधिकारी पैदा करता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
टीएमएच में 30 दिनों के लिए मिला करेगी दवाएं
टाटा स्टील के टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में 30 दिनों के लिए वैसे मरीजों को दवाएं मिलेगी, जिनका रेगुलर दवाएं चलता है. ओपीडी से ऐसे मरीज अपनी दवाओं को लिखा सकते है. 60 दिनों की दवाएं नहीं मिला करेगी जबकि लोग 30 दिनों के लिए यह दवाएं ले सकते है. ऐसे लोग 28 से 35 दिनों के बीच टीएमएच या टीएमएच क्लिनिक से फिर से इसी दवाओं को नहीं ले सकेंगे. इसका सरकुलर टीएमएच के जीएम डॉ राजन चौधरी द्वारा जारी किया गया है.





