
जमशेदपुर : टाटा स्टील के आधुनिकीकरण के तहत को प्लांट के बैटरी नंबर 6 और और कोल टावर को रविवार की दोपहर बाद गिरा दी जाएगी. आपको बता दें कि कोक प्लांट के बैटरी नंबर 5 की एक 110 मीटर ऊँची चिमनी को 27 नवंबर को धराशाई किया गया था उससे पहले एक ट्रायल के रूप में छोटे रिपेयर शॉप को 4 सितंबर को तोड़ा गया था. रविवार को टाटा स्टील के कोक प्लांट के बैटरी नंबर 6 की चिमनी और कॉल टावर को तोड़ा जाएगा. बैटरी नंबर 6 के चिमनी की लंबाई 110 मीटर है जबकि कोल टावर की लंबाई 42 मीटर है. पहले चिमनी को तोड़ा जाएगा और उसके बाद कोल टावर को तोड़ा जाएगा. इन दोनों को तोड़ने में थोड़ी चुनौती है. पहले 110 मीटर के चिमनी को तोड़ा जाएगा और फिर कोल टावर को गिराया जाएगा. वर्ष 1995 में स्थापित इस चिमनी को हटाने के लिए एक साल का अध्ययन किया गया. चुनौती यह थी कि कंपनी के भीतर सारे सामान और प्लांट के होते हुए उसको हटाया जाना था. यह सुनिश्चित करना था कि एक निश्चित दिशा में ही चिमनी को गिराना है. इसके लिए पहले गड्ढा खोदा गया ताकि चिमनी गिरेगा तो सीधे उसी गड्ढा में उसी दिशा में गिरेगा. इसके बाद कोल टावर को गिराया जायेगा. वहां जब वह गिरेगा तो फिर धुल नहीं उड़े, इसके लिए उस एरिया की घेराबंदी कर दी गयी है जबकि पानी का फव्वारा भी छोड़ा गया है. (नीचे भी पढ़ें)
आवाज को भी रोकने के लिए भी यह कोशिश की गयी है. इसके अलावा पर्यावरण को भी नुकसान नहीं हो, इसके लिए भी कोशिश की गयी है. नोएडा में ट्विन टावर गिराने वाली दक्षिण अफ्रीका की कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग ने इस काम को सफल बनाने का काम कर रही है जबकि भारत के जेट डेमोलिश़न कंपनी इसमें मदद कर रही है. टाटा स्टील पुराने को प्लांट के सारे बैटरी को हटाकर नया प्लांट लगाने जा रही है. वर्ष 2026 तक यह काम पूरा हो जाएगा और नया प्लांट ऑपरेशनल हो जाएगा. वैसे रविवार को होने वाला ऑपरेशन अंतिम होगा.



