
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए बहुप्रतीक्षित वार्षिक नवाचार चुनौती ‘माइंड ओवर मैटर’ सीजन-7 के विजेताओं की घोषणा की. अपनी स्थापना के बाद से ही इस नवाचार की चुनौती ने पूरे देश के विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया है और उनके बीच काफी लोकप्रिय हासिल की है. साथ ही, अत्याधुनिक अनुसंधान और सहयोग के लिए इसने कॉरपोरेट्स, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों के बीच एक मानदंड स्थापित किया है. बीआईटी मेसरा के प्रणव पांडे और प्रतिभा पटेल ‘माइंड ओवर मैटर-2020’ के विजेता के रूप में उभरे. बीआईटी सिंदरी की अदिति सिन्हा और सौम्यदीप सिंघा की जोड़ी ने फर्स्ट रनर-अप का स्थान हासिल किया, जबकि एनआईटी रायपुर कॉलेज के अनिरुद्ध रॉय और शिखर रंजन ने सेकेंड रनर-अप का स्थान प्राप्त किया. टाटा स्टील के वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी ने कहा कि माइंड ओवर मैटर की परिकल्पना और शुरुआत 2014 में की गई थी, जिसका उद्देश्य प्रतिभाशाली युवा मस्तिष्क के साथ जुड़ना और उन्हें रिसर्च व इनोवेशन की क्षमता दिखाने के लिए एक मंच प्रदान करना था। टाटा स्टील आरएंडडी टीम की मेंटरशिप के तहत उनके आइडियाओं का प्रोटोटाइप बनाने के लिए प्रतिभागी टीमों को टाटा स्टील में आमंत्रित किया जाता है. टाटा स्टील युवा प्रतिभाओं के साथ जुड़ने के लिए ऐसे कार्यक्रमों के निर्माण में विश्वास करती है और उन्हें मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री से जुड़ने और भविष्य की संभावनाओं को सक्षम करने के लिए प्रेरित करती है. इस वर्ष, महामारी के कारण पहली बार वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर ग्रैंड फिनाले और पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया. समापन समारोह में कुल 11 टीमों ने सम्मानित जूरी के समक्ष अपने अभिनव समाधान पेश किए. वीपी टेक्नॉलॉजी एंड न्यू मैटेरियल बिजनेस डॉ देवाशीष भट्टाचार्जी ने इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे. जूरी में डॉ देबाशीष भट्टाचार्जी के साथ चीफ आरएंडी विनय वी महाशब्दे और चीफ मैनुफैक्चरिंग अक्षय खुल्लर शामिल थे. विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली. फर्स्ट रनर-अप और सेकेंड रनर-अप को क्रमशः 75 हजार और 50 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया गया. शीर्ष तीन टीमों को ‘रिकॉगनिशन’ और प्री-प्लेसमेंट इंटरव्यू (पीपीआई) के प्रमाण पत्र प्रदान किए गए. हिस्सा लेने वाली अन्य टीमों को गुडी बैग के साथ भागीदारी के प्रमाण पत्र दिए गए. 2014 में टाटा स्टील के आरऐंडडी विभाग द्वारा शुरू किया गया एक नवाचार कार्यक्रम ‘माइंड ओवर मैटर’, स्टील निर्माण से संबंधित विभिन्न वास्तविक जीवन की तकनीकी चुनौतियों पर विचार (आइडिया) और समाधान देने के लिए देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों से सबसे तेज, प्रतिभाशाली, युवा मस्तिष्क को आमंत्रित करता है और चुनौती देता है. विद्यार्थियों को टाटा स्टील के शीर्ष आर ऐंड डी विशेषज्ञों के मेंटरशिप के तहत दो महीने का इंटर्नशिप जीतने का मौका मिलता है. इस वर्ष ‘माइंड ओवर मैटर’ में देश भर के 20 से अधिक प्रमुख संस्थानों से 500 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी देखी गई. प्रतियोगिता में कंपनी की आरऐंडडी टीम द्वारा रखी गई चुनौतियों (विषयों) पर 340+आवेदन मिले. पिछले सात संस्करणों में, इस वार्षिक नवाचार चुनौती को 2000+ पंजीकरण और 1200+प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से विविध क्षेत्रों के 55+ आइडिया पर अन्वेषण किया गया है. इस प्रतियोगिता में बीआईटी मेसरा के प्रणव पांडे और प्रतिभा पटेल विजेता बने जबकि बीआईटी सिंदरी से अदिति सिन्हा और सौम्यदीप सिंघा ने फर्स्ट रनर-अप और एनआईटी रायपुर के अनिरुद्ध रॉय और शिखर रंजन ने सेकेंड रनर-अप का स्लॉट हासिल किया.






