
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने वित्तीय वर्ष 2020-2021 (1 अप्रैल 2020 से लेकर 30 जून 2020 तक) के लिए अपना उत्पादन और सेल्स का आंकड़ा जारी किया है. इस आंकड़ा में वित्तीय वर्ष 2020-2021 में भारत, यूरोप और साउथ इस्ट एशिया का कारोबार को दर्शाया गया है, जिसमें कोरोना वायरस (कोविड-19) का जबरदस्त असर देखने को मिला है. कंपनी ने जहां टाटा स्टील के भारत में इस साल (1 अप्रैल 2020 से लेकर 30 जून 2020 तक) 2.99 मिलियन टन का उत्पादन की थी, वहीं पिछले वित्तीय वर्ष के इसी आलोच्य अवधि यानी 1 अप्रैल 2019 से लेकर 30 जून 2019 तक 4.50 मिलियन टन स्टील का उत्पादन की थी. इसी तरह टाटा स्टील के यूरोप में इस वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही में 2.14 मिलियन टन का उत्पादन की थी, जिसके विपरित पिछले वित्तीय वर्ष के इसी आलोच्य अवधि में 2.65 मिलियन टन का उत्पादन हुआ था. टाटा स्टील साउथ इस्ट एरिया में इस वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही में 0.39 मिलियन टन का उत्पादन हुआ था जबकि इसके विपरित इसी आलोच्य अवधि में 0.57 मिलियन टन स्टील का उत्पादन हुआ था. सेल्स को लेकर जारी किये गये आंकड़े के मुताबिक, स्टील के सेल्स में भी आंशिक असर देखने को मिला है. टाटा स्टील के भारत में इस वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही में 2.92 मिलियन टन स्टील का सेल्स हुआ है जबकि बीते वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही 3.96 मिलियन टन का सेल्स हुआ था. इसी तरह टाटा स्टील यूरोप में 1.94 मिलियन टन का सेल्स इस वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही में हुआ है जबकि बीते वित्तीय वर्ष 2.26 मिलियन टन स्टील का सेल्स हुआ था. टाटा स्टील साउथ इस्ट एसिया में इस वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही में 0.42 मिलियन टन स्टील का सेल्स हुआ था जबकि 0.62 मिलियन टन स्टील बीते वित्तीय वर्ष के प्रथम तिमाही में सेल्स हुआ था. कुल मिलाकर टाटा स्टील पर कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण हुए लॉकडाउन का असर देखने को मिला है, जो वैश्विक तौर पर सभी कंपनियां झेल रही है. वैसे टाटा स्टील ने भारत में अपनी क्षमता का 50 फीसदी ही उत्पादन किया है, जो लॉकडाउन खुलने के बाद यह बढ़कर 80 फीसदी तक हो गया. वैसे अब उत्पादन शुरू हो चुका है. वैसे लॉकडाउन के दौरान यह बेहतर संकेत थे कि भारत से स्टील का निर्यात (एक्सपोर्ट) में बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है, जिसमें चीन सबसे बड़ी खरीददार बनी है. टाटा स्टील के मुताबिक, कोरोना वायरस के कारण बाजारों में आहिस्ता-आहिस्ता ही सुधार हो रहा है. ग्रामीण बाजार में डिमांड काफी तेज हुआ है. इस दौरान टाटा स्टील ने प्रथम तिमाही में कस्टमर की जरूरतों के मुताबिक, दो नये कोटेड ब्रांड गलवारोस और कोरोरनोवा नामक उत्पाद को भी बाजार में लाया है. इसकी सप्लाइ नेशनल कैपिटल रिजन ट्रांस्पोर्ट कारपोरेशन प्रोजेक्ट में किया गया है. तेल और गैस सिगमेंट में भी स्टील की खपत काफी ज्यादा हुई है. यूरोप में चूंकि पूरा लॉकडाउन नहीं हुआ था, इस कारण वहां पर इसका ज्यादा असर नहीं देखने को मिला है, लेकिन वहां भी उत्पादन और सेल्स में गिरावट दर्ज की गयी है. टाटा स्टील ने बताया है कि टाटा स्टील हालात पर नजर रखते हुए काम कर रही है और अपने कर्मचारियों के साथ साथ समुदाय के भी स्वास्थ्य और सुरक्षा का ख्याल रखते हुए बेहतर उत्पादन कर रही है. वैसे टाटा स्टील अभी खर्च को कम करने के साथ ही वर्किंग कैपिटल को भी बेहतर करने पर जोर दे रही है. कैश में कमी नहीं हो, इसको फोकस में रखकर भी काम हो रहा है.






