
जमशेदपुर : टाटा स्टील नेट जीरो अभियान के तहत लगातार सोलर ऊर्जा और गैर पारंपरिक ऊर्जा श्रोत को विकसित कर रहा है. इस कड़ी में सोमवार को टाटा स्टील के जमशेदपुर स्थित सोनारी हवाई अड्डा में 2.0 एमडब्ग्यूपी (मेगावाट पीक) क्षमता की एक ग्राउंड-माउंटेड सौर ऊर्जा परियोजना (जमीन पर लगायी गयी सौर ऊर्जा) की शुरुआत की गई. इस पहल के साथ, पूरा हवाई अड्डा सौर ऊर्जा से संचालित होगा. इस परियोजना को टाटा पावर द्वारा अपने सभी स्थानों पर रूफ टॉप, फ्लोटिंग और ग्राउंड माउंटेड सौर पैनलों के संयोजन के साथ कुल 41 मेगावाट पीक की स्थापना के लिए टाटा स्टील के साथ बड़े समझौते के तहत शुरू किया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
सेंट्रल वेयरहाउस, कोल्ड रोलिंग मिल, वायर रॉड मिल और हॉट स्ट्रिप मिल में कुल 7.65 मेगावाट पीक की चार रूफ टॉप सौर परियोजनाएं पहले ही चालू की जा चुकी हैं. टाटा स्टील जमशेदपुर वर्क्स में 10.8 मेगावाट की एक फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजना भी पूरा होने के चरण में है. टाटा स्टील में, सस्टेनेबिलिटी हमेशा एक मुख्य सिद्धांत रहा है जो इसके व्यापार दर्शन में अंतर्निहित है और चिन्हित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दीर्घकालिक, समग्र विज़न से समर्थित है. इसकी सस्टेनेबिलिटी संबंधी साख को सुदृढ़ करने के लिए वैल्यू चेन में कई निश्चित कदम उठाए गए हैं. हाल के दिनों में, इसके परिचालन स्थानों पर सौर और गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन में तेजी आई है. टाटा स्टील स्वच्छ ऊर्जा समाधानों की खोज और अपने नवीकरणीय ऊर्जा फुटप्रिंट का विस्तारीकरण जारी रखे हुए है.



