
जमशेदपुर : टाटा स्टील के दो विभागों में शुक्रवार को वर्षो से लंबित रिआर्गेनाइजेशन (पुनर्गठन) किया गया. इसके तहत टाटा स्टील के लैंड व एस्टेट विभाग जबकि सीएसआर का समझौता हुआ. (नीचे भी पढ़ें)

लैंड और एस्टेट डिपार्टमेंट : टाटा स्टील के लैंड और एस्टेट डिपार्टमेंट का शुक्रवार को रिऑर्गेनाइजेशन हुआ. समझौता पर टाटा स्टील के वाईस प्रेसिडेंट चाणक्य चौधरी, दीपा वर्मा, विशाल वत्स जबकि टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू, महामंत्री सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह, उपाध्यक्ष संजय सिंह, सहायक सचिव नितेश राज, कमिटी मेंबर शिवशंकर सिंह मौजूद थे. 2016 को ही रिआर्गेनाइजेशन का प्रस्ताव था. उस समय 21 कर्मचारी कार्यरत था. अभी घटकर कर्मचारियों की संख्या घटकर 12 हुआ. मैनेजमेंट ने 7 मैनपावर करने का प्रस्ताव दिया था, जिस पर वार्ता हुई और तय हुआ कि 10 लोग का मैनपावर ही विभाग में रहेगा. दो लोगों को विभाग में ही रखा जायेगा, जो दो कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद एडजस्ट हो जायेंगे. समझौता के तहत 4 लोगों को प्रमोशन मिला, जिसमे 3 असिस्टेंट फील्ड ऑफिस में वी-4 ग्रेड से वी-10 ग्रेड में प्रमोशन दिया गया. एक एनएस ग्रेड के कर्मचारी को ग्रुप 1 से ग्रुप 2 में प्रमोशन दिया गया. एक कर्मचारी दिब्यांग हैं, जिनको जॉब फॉर जॉब देने पर सहमति बनी. (नीचे भी पढ़ें)

सीएसआर डिपार्टमेंट का समझौता : टाटा स्टील के सामाजिक दायित्व निभाने वाले सीएसआर डिपार्टमेंट के कर्मचारियों का भी रिऑर्गेनाइजेशन समझौता पर हस्ताक्षर किया गया. इस समझौते पर टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट चाणक्य चौधरी, टाटा स्टील फाउंडेशन के सीईओ सौरभ राय, दीपा वर्मा जबकि टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू, महामंत्री सतीश सिंह, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह, उपाध्यक्ष संजय सिंह, सहायक सचिव नितेश राज, कमेटी मेंबर अजय ठाकुर, कमेटी मेंबर ओम प्रकाश शर्मा उर्फ़ बमबम शामिल थे. यहां का जो प्रस्ताव था वह 2006 से लंबित था. प्रस्ताव के तहत कहा गया था कि वर्तमान के 10 कार्यरत कर्मचारियों में से संख्या कम कर पांच किया जाएगा. इस पर कई दौर की वार्ता के बाद तय हुआ कि 8 मैन पावर रहेगा. टाटा स्टील के इतिहास में पहली बार हुई थी, जब टाटा स्टील की सब्सिडियरी कंपनी में स्थाई कर्मचारियों को डेपुटेशन पर भेजा गया था. सीएसआर विभाग के कर्मचारियों को टाटा स्टील फाउंडेशन कंपनी में भेज दिया गया था. उनका पे-रोल टाटा स्टील में ही था लेकिन उनकी पोस्टिंग टाटा स्टील फाउंडेशन में की गई थी. शुक्रवार को हुए समझौता में भी तय हुआ कि सारे कर्मचारी टाटा स्टील फाउंडेशन में नहीं काम करेंगे लेकिन सभी 8 कर्मचारी की पोस्टिंग टाटा स्टील में ही होगी. 10 में से 1 कर्मचारी का निधन हो चुका है जबकि एक कर्मचारी एचआरएम डिपार्टमेंट में पहले ही जा चुके हैं. इस कारण किसी भी कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना नहीं पड़ा.



