
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन में शनिवार को उस वक्त हंगामा जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी, जब एलडी वन के कमेटी मेंबर और उनके साथ काफी संख्या में कमेटी मेंबर अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु से मिलने पहुंचे. पहले तो इन लोगों ने अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु और महामंत्री सतीश सिंह समेत तमाम पदाधिकारियों का एलडी वन की ओर से स्वागत किया क्योंकि उनके कार्यकाल में सोशल सिक्यूरिटी का इतना अच्छा समझौता हुआ. इस दौरान स्वागत करने वालों में कमेटी मेंबर राजेश ठाकुर, अमरनाथ, प्रदीप पंडित, जोगिंदर सिंह जोगी, जसपाल सिंह, बैजू पंडित, संजीव सिंह, जेपी लेंका, एसके सिंह, बसंतो बेग, निरंजन प्रसाद और डीकेएम राजू मौजूद थे. सारे लोगों ने पहले तो अध्यक्ष का स्वागत किया. इसके बाद कमेटी मेंबर राजेश ठाकुर ने एक मुद्दा उठाया, जिसको लेकर सारे पदाधिकारी सन्न रह गये. दरअसल, एलडी वन में एक आंतरिक काम हो रहा था, जो कमेटी मेंबर के स्तर पर ही निबटा लिया गया था. वहां विभागीय पदाधिकारी और कमेटी मेंबरों के समन्वय से बेहतर तरीके से काम हो रहा था. कमेटी मेंबरों ने शिकायत की कि बाद में यह काम यह कहकर विभागीय अधिकारी ने रोक दिया कि यूनियन के अधिकारियों ने रोक लगायी है. इन लोगों ने जब एलडी वन देखने वाले यूनियन के कोषाध्यक्ष हरिशंकर सिंह से पूछा तो उनका इशारा टॉप थ्री की ओर हो गया. जब महामंत्री के स्तर पर इसकी पुष्टि करनी चाही तो फिर महामंत्री ने इंकार कर दिया और कहा कि उन लोगों ने कोई रोक नहीं लगायी है. फिर इसकी पुष्टि हुई कि कोषाध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने ही उनके काम को रोकवा दिया है. इस पर कड़ी आपत्ति कमेटी मेंबरों ने जतायी कि उपाध्यक्ष उनके विभाग के काम को रोक रहे है और कमेटी मेंबर जो निर्वाचित होकर आये है और उन लोगों ने ही मिलकर सारे को चुना है, अब उनको ही रोकने का काम किया जा रहा है, जो गलत है. इस पर अध्यक्ष ने कहा कि वे पदाधिकारी से बातचीत करेंगे और इसका बेहतर रास्ता निकालेंगे. कोषाध्यक्ष पर आरोप लगाया कि हारे हुए एक प्रत्याशी को सपोर्ट करने के लिए निर्वाचित कमेटी मेंबर को कमजोर करने का प्रयास कर रहे है. इसको लेकर यूनियन में थोड़ी देर के लिए जरूर अफरा-तफरी की स्थिति रही. हालांकि, इस मुद्दे पर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से कोई बातचीत नहीं हो पायी है.



