नयी दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के मंडराते बादलों के बीच 8 अप्रैल को एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर विनाशकारी हमले की अपनी चेतावनी वापस ले ली है. ईरान को समझौता करने के लिए दी गई समय सीमा से महज दो घंटे पहले, दोनों देश दो सप्ताह के संघर्ष विराम पर सहमत हो गए हैं. इस समझौते के तहत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा. ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने संघर्ष विराम स्वीकार करने की पुष्टि की है और घोषणा की है कि वह शुक्रवार को इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत करेगा. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, इजराइल ने भी इस संघर्ष विराम पर अपनी सहमति जता दी है. हालांकि, संघर्ष विराम के आधिकारिक तौर पर लागू होने का समय अभी स्पष्ट नहीं किया गया है, क्योंकि बुधवार तड़के इजराइल, ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हमले देखे गए थे.(नीचे भी पढ़े)
इस तनाव को कम करने में पाकिस्तान और चीन ने अहम भूमिका निभाई है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी हर जगह तत्काल प्रभाव से संघर्ष विराम पर सहमत हो गए हैं. उन्होंने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में आमने-सामने बातचीत के लिए आमंत्रित किया है ताकि सभी विवादों को सुलझाया जा सके. वहीं, सूत्रों के मुताबिक ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदार चीन ने भी पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे मध्यस्थों के जरिए ईरान को संघर्ष विराम के लिए राजी करने का प्रयास किया.(नीचे भी पढ़े)
संघर्ष विराम के बावजूद कुछ विवादित मुद्दे अभी भी कायम हैं. ईरान द्वारा जारी 10-सूत्रीय शांति योजना के फारसी संस्करण में उसके परमाणु कार्यक्रम के लिए “संवर्धन की स्वीकृति” का जिक्र है, जो अंग्रेजी संस्करण से गायब था. राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ईरान की इस योजना को ‘धोखाधड़ी’ बताया था, क्योंकि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से समाप्त करना अमेरिका का एक प्रमुख लक्ष्य रहा है. इस बीच, ईरान के भीतर समझौते को लेकर तीखी प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है. तेहरान की सड़कों पर सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों ने संघर्ष विराम की घोषणा के बाद अमेरिका, इजराइल और समझौता करने वालों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. दूसरी ओर, ईरान समर्थित गुटों के अंब्रेला ग्रुप ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ ने घोषणा की है कि वह इस समझौते के मद्देनजर इराक और पूरे क्षेत्र में अपने अभियानों को दो सप्ताह के लिए निलंबित कर रहा है.



