
जमशेदपुर : करीम सिटी कॉलेज के मनोविज्ञान स्नातकोत्तर विभाग ने एक ‘वेब लेक्चर’ का आयोजन किया गया, जिसका विषय था-‘‘कोविड-19 एवं कॉलेज विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ पर प्रभाव’’. वेबिनार के मुख्य वक्ता डॉ विनोद कुमार शर्मा थे. लेक्चर के आरंभ होने से पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ फिरोज इब्राहिमी ने विद्यार्थियों का लेक्चर से जुड़ना सुनिश्चित किया. उसके बाद मुख्य वक्ता से छात्र-छात्राओं का परिचय कराया. डॉ विनोद कुमार शर्मा एसपी कॉलेज, दुमका (झारखण्ड) के मनोविज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर सह मानसिक स्वास्थ परामर्श केन्द्र के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी कई सहभागिता मनोविज्ञान के क्षेत्र में सराहनीय रही है, परन्तु यहां के लिए सबसे बड़ा परिचय यह है कि डॉ शर्मा करीम सिटी कॉलेज के पूर्व छात्र हैं. डॉ विनोद कुमार शर्मा ने अपने लेक्चर में कहा है कि नोवल कोरोना के बढ़ते कुप्रभाव के बीच लोगों में मनोवैज्ञानिक समस्याएं भी बढ़ रही हैं. तनाव, चिंता व विषाद उनमें आम होता जा रहा है. इस दृष्टि से लोगों को कोरोना की वैश्विक आपदा से तनाव मुक्त बाहर निकलने में मनोवैज्ञानिकों व परमर्शदाताओं की विशेष जिम्मेदारी होती है. उन्होंने आपदा पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज जितने लोग कोरोना से सक्रंमित नहीं हो रहे हैं उससे कहीं ज्यादा लोग रोग भय से विषादग्रस्त हैं और कॉलेज के विद्यार्थियों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी हमारे देश ही नहीं, बल्कि विश्व से जल्द खत्म होने वाली नहीं हैं, इसलिए अच्छा होगा कि इसे जीवन का एक हिस्सा मान कर अपनी जीवन शैली से जोड़ लिया जाये. सावधानियां अपनी जगह बरकरार रहें तथा इससे रोकथाम के उपायों पर काम भी चलता रहे. हम इसको लेकर तनावमुक्त हो जाये. डॉ फिरोज इब्राहिमी ने छात्रों को सुझाव दिया कि ‘लॉकडाउन’ की अवधि में स्वयं को वयस्त रखें. पुस्तकें पढ़ें, व्यायाम करें. परिवार वालों के साथ अधिक समय दें और मोबाइल पर कम से कम समय दें, ताकि तनाव से बचे रहें. करोना से डरें नहीं, स्वस्थ रहकर इस का सामना करें. इन्हीं शब्दों के साथ उन्होंने धन्यवाद ज्ञापन किया.







