चाईबासा : सारंडा जंगल में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान नक्सलियों की गोलियां और आइईडी ही नहीं, मच्छर भी जवानों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं. अभियान में शामिल असम निवासी एक जवान की मलेरिया से मौत हो गई. बीमार पड़ने पर उन्हें इलाज के लिए रांची ले जाया गया था, जहां अस्पताल में उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया. जानकारी के अनुसार मृत जवान के आनंद सिंह असम के रहने वाले थे और वर्तमान में सारंडा में नक्सल विरोधी अभियान में तैनात थे. सूत्रों के अनुसार अभियान के दौरान जवान को तेज बुखार आया. प्राथमिक जांच में मलेरिया की पुष्टि हुई. हालत बिगड़ने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया था. वहां इलाज के दौरान मलेरिया के कारण मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर होने के कारण शनिवार को उनकी मौत हो गई. (नीचे भी पढ़ें)
बताया जाता है कि सांरडा एक मलेरिया जोन है, यही कारण है कि सारंडा जैसे घने जंगलों में नक्सल अभियान के दौरान जवानों को नक्सलियों के अलावा बीमारियों से भी जूझना पड़ रहा है. मच्छर जनित बीमारियां, खासकर मलेरिया और डेंगू, जवानों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं. बारिश के बाद जंगल में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. लगातार गश्त और दुर्गम इलाकों में डेरा डालने के कारण जवान संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
उधर, इस घटना के बाद से बटालियन और पुलिस महकमे में शोक की लहर है. वरीय अधिकारियों ने जवान के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है. जवान के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव, असम भेजने की प्रक्रिया चल रही है. सूचना है कि घटना के बाद अभियान में शामिल अन्य जवानों की भी स्वास्थ्य जांच के निर्देश दिए गए हैं. जवानों को मच्छरदानी, कीटनाशक और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है. वरीय अधिकारियों ने कहा कि नक्सलियों से लड़ाई के साथ जवानों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी प्राथमिकता है.



