रामगोपाल जेना/चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर प्रखंड अंतर्गत चिरूबेड़ा के लुपुंगबेड़ा टोला में हाल ही में घटित सामाजिक रूप से विभाजनकारी घटना को लेकर मगदा गौड़ युवा संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में कहा गया कि ऐसी घटनाएं जिले में पहले भी गोप-गौड़ समुदाय को लक्षित कर की जाती रही हैं, जिससे भय, दमन और असमानता का माहौल बनता जा रहा है. संघ ने यह भी कहा कि आदिवासी और मूलनिवासी समुदायों के बीच वर्षों से सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं, जिन्हें कुछ स्वार्थी तत्व तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से चिरूबेड़ा-लुपुंगबेड़ा की घटना की निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई किये जाने के साथही पूर्व में घटी घटनाओं की भी समीक्षा करते हुए वांछित प्रशासनिक सुधार किए जाने की मांग की है. इसके अतिरिक्त ज्ञापन में सभी समुदायों को शामिल करते हुए सामाजिक समरसता एवं संवाद मंच गठित करने, किसी भी समुदाय विशेष को लक्षित कर भेदभाव पूर्ण कार्रवाई से बचने, नागरिकों की सुरक्षा और गरिमा उनकी जनसंख्या नहीं, उनके संवैधानिक अधिकारों के आधार पर सुनिश्चित किये जाने की मांग भी की गई है. संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि गांवों में आज भी बहुसंख्यक समाज की आड़ में अल्पसंख्यकों को दबाने की प्रवृत्ति देखी जाती है, लेकिन अब का युवा जागरूक है और अन्याय के विरुद्ध खुलकर आवाज़ उठा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
रामहरि गोप के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपने गए प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अपील की कि वह संविधान, मानवाधिकार और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए ठोस और समयबद्ध कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो और जिले में समरसता एवं शांतिपूर्ण वातावरण बना रहे. प्रतिनिधिमंडल में अनूप गोप, सुदेश गोप, सुधांशु गोप, ईशू कंवल गोप, डब्लू गोप, सुमंत कुमार गोप, अजय कुमार गोप, दिगंबर गोप, रामहरि गोप, बिपिन गोप, नारायण गोप, सौरभ गोप, अरुण कुमार गोप, गणपत गोप आदि शामिल रहे.



