
जमशेदपुर : टाटा स्टील के निबंधित पुत्र, पुत्री, टाटा स्टील के सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) कर्मचारियों के साथ सोमवार को टाटा वर्कर्स यूनियन कार्यालय पहुंचे. उनके साथ सेवानिवृत कर्मचारी आरएन सिंह, बीएन शर्मा, सुशीला देवी, प्रभा रॉय आदि मौजूद थे. इन लोगों ने टाटा वर्कस यूनियन कार्यालय पहुंचकर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष से मिलकर निबंधितो की लिखित परीक्षा में हुए एक नही कई प्रकार के भ्रष्टाचार पर उनके द्वारा अब तक की गयी कार्यवाही को जानना चाहा पर निबंधितो के साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को देखकर आज कोई भी पदाधिकारी यूनियन कार्यालय नही पहुंचा. टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से अध्यक्ष को अपनी बातों से अवगत कराया और कहा कि मंगलवार 5 अप्रैल को सभी लोग जनरल ऑफिस जाएंगे. अगर मंगलवार को वहां (टाटा स्टील मैनजमेंट) से भी कोई सकारात्मक जबाब नही मिलता है तो, टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारी इस बार टाटा वर्कस यूनियन के कार्यालय के सामने निबंधित पुत्र-पुत्री और उनके पूरे परिवार वाले के साथ अनशन करेंगे. टाटा स्टील जैसे नैतिक कंपनी जिसके लिए नैतिकता सबसे पहले है, वहां नौकरी से गलत काम करने वाले को हटा दिया जाता है. लेकिन आज जब प्रश्न पत्र लीक होने के तथ्य सामने है, फर्जी लोग पकड़े गए, नेगेटिव मार्किंग को लेकर कई परीक्षा केंद्रों पर फेंक (फर्जी) नोटिस चिपकाए गए. इतना सबकुछ होने के बावजूद भी इस परीक्षा को क्यो नही निरस्त किया जा रहा है. ये सब बातें केवल एक ही बात को दर्शाती हैं कि निबंधितो की इस लिखित परीक्षा में जितने भी भ्रष्टाचार हुए है सभी को टाटा वर्कस यूनियन और टाटा स्टील मैनेजमेंट का संरक्षण प्राप्त है. परीक्षा केंद्रों में जितने भी और जितने लोगो का मोबाइल फोन क्लास रूम तक गया है सबको इनका संरक्षण प्राप्त था वरना इतनी कड़ी सुरक्षा जहां पॉकेट से लेकर पर्स तक चेक किये जा रहे थे. वहां मोबाइल फोन बिना इनके संरक्षण के जा ही नही सकता. अब ये टाटा वर्कस यूनियन स्वर्गीय वीजी गोपाल के मरने के बाद मात्र एमडी आफिस का ब्रांच कार्यालय बनकर रह गया है, इसलिए ना चाह कर भी अब हम लोगो ( सेवानिवृत्त कर्मचारियों) को अनशन करना पड़ेगा. जो शायद टाटा स्टील के 100 साल गरिमामई इतिहास में ऐसा पहली बार होगा. इस प्रतिनिधिमंडल में आरएन सिंह, बीएन शर्मा, सुशीला देवी, प्रभा रॉय, रवि कुमार, शेखर, शोभा , बबिता, रंजीत, संतोष कुमार ओझा समेत अन्य लोग मौजूद थे.





