
जमशेदपुर : झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एमवी राव ने जमशेदपुर में अपराधियों और नक्सलियों पर लगाम लगाने को लेकर जमशेदपुर के एसएसपी ऑफिस में अहम बैठक की. इस बैठक में विस्तार से अपराध और नक्सलियों के बारे में चर्चा की गयी. इस दौरान अपराधियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल कोर्ट में शुरू कराने और संगठित अपराधिक गिरोह चलाने वाले हर तरह के अपराधियों को सीधे सलाखों के पीछे भेजने को कहा गया.
अगर जरूरत पड़ी तो सीधे उनको उनकी जगह पहुंचाने की भी हिदायत जमशेदपुर के एसएसपी डॉ एम तमिल वाणनन को दिया. इस दौरान डॉ तमिल वाणनन के अलावा सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट समेत तमाम पदाधिकारी मौजूद थे. डीजीपी बनने के बाद एमवी राव पहली बार जमशेदपुर आये. उन्होंने इस बैठक के दौरान नक्सलियों को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. डीजीपी के साथ इस मीटिंग में सीआरपीएफ के आइजी, एडीजी ऑपरेशन, कोल्हान के डीआइजी, जमशेदपुर के अलावा सरायकेला-खरसावां और पश्चिम सिंहभूम जिले के एसपी भी मौजूद थे. पूरे कोल्हान में इस तरह का अभियान चलाने को कहा गया.
घाटशिला अनुमंडल के पश्चिम बंगाल के सीमा क्षेत्र में लगातार हो रहे अपराधिक घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. इस चर्चा के दौरान यह बताया गया कि झारखंड पुलिस नक्सलियों और अपराधियों पर नकेल कसने को लेकर ईनाम भी घोषित की गयी है. पुलिस और जनता के बीच समन्वय स्थापित करते हुए काम करने का दिशा-निर्देश दिया गया.
इस दौरान डीजीपी ने मुख्यमंत्री और उनको धमकी भरा ई-मेल भेजने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की और कहा कि ऐसे लोग एकदम कायर है, जो सीधे तौर पर मुकाबला नहीं कर पाते है. उनमें अगर हिम्मत है तो सामने आकर मुकाबला करें. उन्होंने यह भी कहा कि फेक इ-मेल बनाने वाले भी पकड़े जायेंगे, वैसे लोग बचने वाले नहीं है.

इससे पहले डीजीपी पूरे दल बल के साथ पश्चिम सिंहभूम जिला गये थे. वहां से लौटते वक्त वे जमशेदपुर में रुके. हेलीकॉप्टर से पूरी टीम यहां आयी थी ताकि नक्सलियों का मनोबल तोड़ा जा सके और पुलिस का मनोबल को और ऊंचा किया जा सके. इस दौरान उनको गारद की सलामी सोनारी एयरपोर्ट पर भी दी गयी.






