
जमशेदपुर : टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन ने बुधवार को जमशेदपुर के विशिष्ट नागरिकों के अलावा कारोबारियों और उद्यमियों के साथ ऑनलाइन ही बातचीत की. इस बातचीत के दौरान टाटा स्टील के एमडी का सबसे पहले कैट के राष्ट्रीय सचिव और सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष सुरेश सोंथालिया ने टाटा स्टील के एणडी का स्वागत किया. उन्होंने श्री नरेंद्रन से यह आग्रह किया कि लोकल वेंडरों पर भरोसा जताया जाये और लोकल वेंडरों को ही मौका दिया जाये. टाटा स्टील के एमडी ने लोगों को संबोधित किया और सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स की सराहना की. उन्होंने कहा कि अभी काफी बड़ी चुनौतियां है. इसके लिए सबको मिलकर काम करने की जरूरत है. आपात की स्थिति में लोग एक दूसरे के करीब आते है और एक दूसरे के साथ मिलकर संकट को पार करते है. टाटा स्टील के एमडी ने यह कहा कि सौ साल के बाद टाटा स्टील इस तरह का संकट का दौर देख रहा है. इससे पहले 1919 में जब स्पेनिस फ्लू आया था, तब टाटा स्टील ने भी देखा था. उन्होंने बताया कि वे लोग कंपनी के इतिहास को पलटकर देखने की कोशिश की है कि कैसे उस वक्त इस चुनौती से निबटा गया था. लेकिन उन्होंने कहा कि उस वक्त 1919 में जब स्पेनिस फ्लू आयी थी, तब बीमारी दिखती थी, लेकिन यह ऐसी बीमारी है, जो दिखाई नहीं देती है. कोविड-19 से लड़ने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा और अपने जीवन जीने के स्टाइल में बदलाव लाने की जरूरत है. अगर इसको लेकर कोई टीका भी आ जाता है तो भी काफी समय लगेगा भारत में जब सबको यह मिल सकेगा. ऐसे में भारत में टेस्ट की रफ्तार जब तक बढ़ नहीं जाती है, तब तक सबको सचेत रहने की जरूरत है. भारत में अभी 1 लाख टेस्ट हर दिन हो रहे है जबकि 20 लाख टेस्ट हर दिन होने चाहिए. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी हाल में रिस्क में इजाफा नहीं करें. जितने भी बचाव के रास्ते सुझाये गये है, उन सारे रास्तों को अपनाने की जरूरत है. टाटा स्टील के एमडी ने कहा कि टाटा स्टील यूरोप से काफी कुछ इस बीमारी के बारे में जानने को मिला, जिस कारण टीएमएच को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए तैयार किया. लेकिन टीएमएच के पास भी एक निश्चित दायरा है. टीएमएच की ओर से कई सारे वेंटिलेटर का ऑर्डर दिये गये है, जो अब तक नहीं आ पाये है. टाटा स्टील के एमडी ने कहा कि जिस तरह की चुनौतियां सभी बिजनेस में है, उसी तरह की चुनौतियां टाटा स्टील के समक्ष भी है. टाटा स्टील का ऑपरेशनस पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन सप्लाइ और डिमांड का मसला जरूर है, जो कस्टमर की कमी के कारण उत्पन्न हुआ है. लेकिन इसके बावजूद टाटा स्टील ने इस दौर में भी अपने 40 से 50 फीसदी की क्षमता के जरिये उत्पादन करते रहे है. उन्होंने बताया कि टाटा स्टील के निर्मित स्टील की बिक्री मिडल इस्ट, वियतनाम, यूरोप और चीन जैसे देशों में की गयी है. एक्सपोर्ट डिमांड को दुरुस्त करने के बाद अब घरेलू बाजार को दुरुस्त करने की तैयारी है. टाटा स्टील के पास अभी मेडिकल फर्निचर, ऑयल और गैस सेक्टर से काफी ज्यादा डिमांड आये है जबकि ऑटो और कंस्ट्रक्शन से डिमांड काफी कम आये है. एमडी टीवी नरेंद्रन ने स्थानीयता पर जोर देते हुए कहा कि लोकल पर भी जोर कंपनी देगी और कंपनी के चाहरदिवारी के बाहर भी स्टील की खपत बेहतर हो सके, इसके लिए भी प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने छोटे और मंझोले उद्योगों से जुड़े लोगों से अपील की कि वर्तमान स्थिति से निबटने के लिए जरूरी है कि एमएसएमइ सेक्टर को अपने तकनीकी दक्षता को बढ़ाया जाये. एक सवाल के जवाब में टाटा स्टील के एमडी ने कहा कि इस आपात स्थिति में भी टाटा स्टील अपने शत-प्रतिशत उत्पादन को बरकरार रखने की कोशिश की है. इसके तहत ब्लास्ट फर्नेस और कोक ओवेंस में जरूरी कोयले की आपूर्ति में बाधा के कारण भी पूरे संसाधनों का उपयोग हम लोग नहीं कर पाये है. दूसरे सवाल के जवाब पर एमडी ने कहा कि वर्तमान में जरूरी है कि जो भी प्रवासी मजदूर आये है, उनको मदद के लिए हाथ बढ़ाने की जरूरत है. इसके लिए एमडी ने कहा कि राज्य में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिले ताकि रोजी रोजगार लोगों को उपलब्ध हो सके, इसके लिए सबके साथ मिलकर प्रयास करेंगे. वैसे प्रवासी मजदूरों के मसलों को लेकर जो केंद्र सरकार ने खेती पर जोर दिया है, उससे कुछ हद तक समस्या का समाधान हो सकेगा. इस मौके पर टाटा स्टील के वीपी सीएस चाणक्य चौधरी ने जमशेदपुर के थ्री स्टार रेटिंग मिलने पर सबको बधाई भी दी. इस मौके पर सिंहभूम चेंबर के महामंत्री भरत वसानी ने टाटा स्टील के एमडी के प्रति आभार जताया कि संकट की घड़ी में उन्होंने उन जैसे उद्यमियों और व्यवसायियों का मार्गदर्शन किया. इस मौके पर सुरेश सोंथालिया, किशन पारीख, दीपक डोकानिया, संजय सबरवाल, राजू शाह, भरत वसानी, संतोष खेतान, बिपिन भाई अडेसरा, कृष्णा अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, ज्ञान तनेजा, दीपक पुरेंद्रे, दिलीप गोलछा, अरुण गुप्ता, संजय जालान, राजा सिंह, आनंद दोदराजका, विजय वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद थे.






