
झारखंड सरकार ने बताया पड़ोसी राज्यों के साथ तुलनात्मक पेट्रोल-डीजल का रेट एक नजर में :
राज्य का नाम-पेट्रोल की कीमत————-डीजल की कीमत
झारखंड——98.42 रुपये प्रति लीटर———–91.56 रुपये प्रति लीटर
बिहार——–105.67 रुपये प्रति लीटर———-91.09 रुपये प्रति लीटर
पश्चिम बंगाल—104.67 रुपये प्रति लीटर———89.79 रुपये प्रति लीटर
उत्तर प्रदेश—–95.14 रुपये प्रति लीटर———-86.68 रुपये प्रति लीटर
रांची : झारखंड विधानसभा में सदन की कार्यवाही के दौरान भाजपा के बोकारो से विधायक विरंची नारायण ने सवाल किया कि नवंबर 2021 में भारत सरकार ने पेट्रोल डीजल पर अपनी एक्साइज ड्यूटी को कम किया है. 5 रुपये पेट्रोल पर और 10 रुपये डीजल पर कमी की गयी है. इसके बाद 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने वैट में कमी की, लेकिन झारखंड सरकार ने अब तक वैट का दर नहीं घटाया. यह भी सवाल पूछा कि क्या यह सही है कि पेट्रोल-डीजल पर वैट की दर 22 फीसदी है और 1 रुपये प्रतिलीटर सेस सहित यह 25 फीसदी हो जाता है. क्या यह सही बात है कि जब झारखंड में वैट की दर 18 फीसदी थी, 2015 में राज्य में डीजल की कुल बिक्री 145000 किलोलीटर थी जबकि वर्तमान में 5 साल बाद वैट की दर 22 फीसदी होने से अक्टूबर 2021 में डीजल की कुल बिक्री घटकर 123000 किलोलीटर हो गयी है. क्या यह सही है कि झारखंड के पड़ोसी राज्य बिहार ने वैट की दर 19 फीसदी से घटाकर 16.37 फीसदी की है, इस प्रकार उत्तर प्रदेश सरकार ने पेट्रोल पर प्रतिलीटर 5 रुपये और डीजल पर प्रतिलीटर 2 रुपये की दर से वैट घटाया है और पश्चिम बंगाल से वैट 17 फीसदी है, जिसकारण बड़े ट्रांस्पोर्टर पड़ोसी राज्यों से खरीददारी कर रहे है और सरकार और राज्य के पेट्रोल पंपों के संचालकों को नुकसान हो रहा है. क्या सरकार वैट की दर में कमी लाना चाहती है. इस पर सरकरा ने लिखित तौर पर जवाब दिया. सरकार ने कहा कि नवंबर 2021 में भारत सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर क्रमश: 5 फीसदी प्रतिलीटर और 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम किया गया है. पेट्रोल पर वैट की दर 22 फीसदी अथवा 17 रुपये जो भी अधिक हो और 1 रुपये सेस झारखंड में है. डीजल पर वैट की दर 22 पीसदी अथवा 12 रुपये 50 पैसे, जो भी अधिक हो और 1 रुपये सेस प्रति लीटर निर्धारित है. 16 दिसंबर 2021 को प्रचलित बिक्री मूल्यों के आधार पर पेट्रोल पर 18.24 रुपये प्रतिलीटर सेस समेत एवं डीजल पर 17.21 रुपये प्रतिलीटर सेस समेत वैट राज्य को प्राप्त होता है जो कि 25 फीसदी नहीं है. यह भी बताया गया कि 10 फरवरी 2020 के पत्र के आलोक में डीजल पर 20 फीसदी वैट अधिरोपित किया गया था, जिसे 24 फरवरी 2015 के पत्र द्वारा 22 फीसदी किया गया. वर्तमान में 28 जून 2020 द्वारा डीजल पर 22 फीसदी अथवा 12.50 रुपये जो भी अधिक हो निर्धारित है. वित्तीय वर्ष 2015-2016 में डीजल की कुल बिक्री 16.41 लाख किलोलीटर थी जबकि वित्तीय वर्ष 2021-2022 में माह अक्टूबर 2021 तक डीजल की कुल बिक्री 9.52 लाख किलोलीटर है. माह मार्च से मई 2021 तक यानी तीन माह तक कोविड महामारी के कारण बिक्री प्रभावित हुई है. सरकार ने यह भी बताया है कि 16 दिसंबर 2021 को पड़ोसी राज्यों के साथ तुलना देखने से मालूम चलेगा कि पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार से भी महंगा पेट्रोल-डीजल महंगा है. यह भी बताया गया है कि झारखंड राज्य द्वारा कोरोना काल में पेट्रोल और डीजल में किसी तरह का कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गयी है. वर्तमान में विभाग द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है कि वैट में पेट्रोल और डीजल में कोई कमी लायी जाये.




