रांची : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सदन को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबोधित किया. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की दुर्दशा का कारण शिक्षा का अभाव है. ऐसा लगता है कि भीड़ में हम सबसे पीछे रहे. संवैधानिक व्यवस्था के बाद भी हम सारे लोग पिछड़ गये है. पिछड़े वर्ग की सहभागिता किसी वर्ग में नहीं है, चाहे वह न्यायपालिका हो, विधायिका हो या फिर व्यवसाय हो. राज्य को आगे बढ़ाया जा सकता है. यहां पर लोग जिस मानसिकता के साथ सत्ता में आये, वो यहां के लोगों को सूट नहीं किया. कभी डबल इंजन, तो कभी ट्रिपल इंजन की सरकार का नाम दिया गया, लेकिन काम कुछ नहीं हुई. हर बार लंगड़ी सरकार रही. अब यह धुंध छंट रहा है. हेमंत सोरेन ने अपनी पीठ थपथपायी और कहा कि कोरोना काल मे परेशानी आयी, लेकिन उसके बाद भी हम 28 नयी योजनाओं को धरातल पर उतारे. इसका नतीजा है कि राज्य की स्थापना दिवस से सरकार आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया गया है. जो लोग भी इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा, वह जनता के नजरों से उतर जायेगा. यह कार्यक्रम चलता रहेगा. आज सरकार के मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी लोगों को अधिकार देने का काम कर रहे हैं. मंत्री ट्रैक्टर पर बैठकर जनता के बीच जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत छह-आठ महीने से काम पटरी पर आ रहा है. शहादत देने वाले लोगों की कुर्बानी का नतीजा है कि यह सदन हमें मिला है. मैं उन्हें सलाम करता हूं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हम नए तरीके से आंदोलनकारियों को चिन्हित करेंगे. सीएम ने कहा कि हमने उन्हें पेंशन और सरकार की नौकरियों में 5 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश मे कई राज्य ऐसे हैं जो अपनी भाषा- संस्कृति से अव्वल हैं. हमने अपनी राज्य की भाषा-संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए ट्राइबल यूनिवर्सिटी खोलने का निर्णय लिया. राज्य की स्थिति यह थी कि वृक्ष का सिर्फ जड़ खोद जा रहा था. भारत सरकार का उपक्रम खनिज तो निकाल रहा है लेकिन राज्य सरकार को नहीं सौंप रहा है. यह ऊपर वाले का सौभाग्य है कि हम लोग जीवित हैं. केंद्र सहयोग के नाम पर कहती है कि हम रॉयल्टी दे रहे है. हेमंत सोरेन ने कहा कि हकीकत ये है कि राज्य का हक बाकी लोग डकार रहे हैं. (नीचे देखे पूरी खबर)

मुख्यमंत्री हमलावर नजर आये
शीतकालीन सत्र के दौरान आखिरी दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन काफी हमलावर नजर आये. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समस्याओं का अंबार है. कई संगठन आंदोलनरत हैं. वे इस सदन से राज्य के कर्मियों से आग्रह करते है कि यह सरकार आपकी सरकार है. 200 फीसदी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे. यही वजह है कि 65 हजार पारा शिक्षकों की समस्या का समाधान किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को पेंशन है तो राशन नहीं है. किसी को राशन है तो पेंशन नहीं. सरकार सभी वर्गों को राहत भरी जिंदगी देगी. इसी के तहत सर्व जन पेंशन योजना को लागू किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में जितने भी बूढ़े-बुजुर्ग हैं. 60 साल के ऊपर और जितने भी दिव्यांग-जन हैं. 29 दिसंबर के बाद चिन्हित कर पेंशन देंगे. इसके लिए स्पेशल ड्राइव चलाएंगे. रांची : झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सदन को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबोधित किया. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की दुर्दशा का कारण शिक्षा का अभाव है. ऐसा लगता है कि भीड़ में हम सबसे पीछे रहे. संवैधानिक व्यवस्था के बाद भी हम सारे लोग पिछड़ गये है. पिछड़े वर्ग की सहभागिता किसी वर्ग में नहीं है, चाहे वह न्यायपालिका हो, विधायिका हो या फिर व्यवसाय हो. राज्य को आगे बढ़ाया जा सकता है. यहां पर लोग जिस मानसिकता के साथ सत्ता में आये, वो यहां के लोगों को सूट नहीं किया. कभी डबल इंजन, तो कभी ट्रिपल इंजन की सरकार का नाम दिया गया, लेकिन काम कुछ नहीं हुई. हर बार लंगड़ी सरकार रही. अब यह धुंध छंट रहा है. हेमंत सोरेन ने अपनी पीठ थपथपायी और कहा कि कोरोना काल मे परेशानी आयी, लेकिन उसके बाद भी हम 28 नयी योजनाओं को धरातल पर उतारे. इसका नतीजा है कि राज्य की स्थापना दिवस से सरकार आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया गया है. जो लोग भी इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा, वह जनता के नजरों से उतर जायेगा. यह कार्यक्रम चलता रहेगा. आज सरकार के मंत्री, अधिकारी और कर्मचारी लोगों को अधिकार देने का काम कर रहे हैं. मंत्री ट्रैक्टर पर बैठकर जनता के बीच जा रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत छह-आठ महीने से काम पटरी पर आ रहा है. शहादत देने वाले लोगों की कुर्बानी का नतीजा है कि यह सदन हमें मिला है. मैं उन्हें सलाम करता हूं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हम नए तरीके से आंदोलनकारियों को चिन्हित करेंगे. सीएम ने कहा कि हमने उन्हें पेंशन और सरकार की नौकरियों में 5 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश मे कई राज्य ऐसे हैं जो अपनी भाषा- संस्कृति से अव्वल हैं. हमने अपनी राज्य की भाषा-संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के लिए ट्राइबल यूनिवर्सिटी खोलने का निर्णय लिया. राज्य की स्थिति यह थी कि वृक्ष का सिर्फ जड़ खोद जा रहा था. भारत सरकार का उपक्रम खनिज तो निकाल रहा है लेकिन राज्य सरकार को नहीं सौंप रहा है. यह ऊपर वाले का सौभाग्य है कि हम लोग जीवित हैं. केंद्र सहयोग के नाम पर कहती है कि हम रॉयल्टी दे रहे है. हेमंत सोरेन ने कहा कि हकीकत ये है कि राज्य का हक बाकी लोग डकार रहे हैं. (नीचे देखे पूरी खबर)

पूर्ववर्ती सरकार ने कार्यपालिका को कुंभकर्णी नींद सुलाया
मुख्यमंत्री ने बड़ा आरोप रघुवर सरकार पर लगाया. मुख्यमंत्री ने सीएम हेमंत सोरेन ने पूर्ववर्ती रघुवर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व की सरकार खुद भी सोती रही और कार्यपालिका को भी कुम्भकर्णी निंद्रा सुला दिया. उन्होंने पूर्ववर्ती रघुवर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि पहले की सरकार ने कार्यपालिका में जंग लगा दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पता चला यदि कार्रवाई शुरू हो गई तो पूरी कार्यपालिका ही खतम हो जायेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें कार्यपालिका को भी सुधारना है. उन्होंने कहा कि कार्यपालिका को सुधारने की अतिरिक्त जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र ने राशन भी फिक्स कर दिया. हमारी सरकार ने सभी को समान रूप से लाने का काम किया. इस राज्य के आदिवासियों में भीख मांगने की परंपरा नहीं है. यही वजह है कि खाद्य आपूर्ति विभाग अतिरिक्त 15 लाख लोगों को हरा कार्ड देकर मुफ्त राशन दे रहा है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में 73 लाख परिवारों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है. धोती-साड़ी-लुंगी योजना पूर्व में भी चलाया था लेकिन तब की पूंजीपति सरकार ने सभी को बंद कर दिया था. 5 साल तक हाथ में राशन कार्ड लेकर 2 दर्जन से अधिक लोग मरे थे मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में भी हमारी सरकार ने किसी को भूख से मरने नहीं दिया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पूर्ववर्ती भाजपा की रघुवर दास सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नीति थी कि जमीन लो, उद्योग लगाओ और विस्थापितों को गोली मार दो. जमीन लेने के समय रैयत मां-बाप सभी हो जाते हैं. इन संस्थाओं पर नकेल कसने के लिए स्थानीय लोगों को रोजगार मिले इसके लिए कानून बनाया है. उन्होंने कहा कि विधेयक राज्यपाल के यहां से वापस आ गया है जल्द ही नोटिफिकेशन होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में विपक्ष ना जाये. उन्होंने कहा कि मैं लिखकर दे सकता हूं कि जो सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में नहीं जायेगा वो इस सदन में वापस नहीं आयेगा.





