
जमशेदपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे को अब सौ फीसदी इलेक्ट्रिफाइ कर दिया गया है. भारतीय रेल द्वारा यह अहम कदम उठाया गया है. दूसरी ओर, दक्षिण पूर्व रेलवे के आरपीएफ के आइजी सह प्रिंसिपल चीफ सिक्यूरिटी कमीश्नर डीबी कसार ने अपना कार्यभार संभालने के बाद सुरक्षा को लेकर विशेष कदम उठाया गया. साथ ही सीसीटीवी, बैगेज स्कैनर, अंडर व्हीकल इंस्पेक्शन सिस्टम (यूवीआईएस) आदि जैसे आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की स्थापना पर भी जोर दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप स्टेशनों और ट्रेनों को अधिक सुरक्षित बनाया गया है. मेरी सहेली को महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए शुरू किया गया था ताकि रेलवे को सभी महिला यात्रियों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित स्थान बनाया जा सके, अधिमानतः अकेले यात्रा करना. मेरी सहेली की टीम महिला उप-निरीक्षकों के नेतृत्व में 02 पुरुष सशस्त्र कर्मियों के साथ विशेष रूप से महिला कर्मचारियों का गठन करती है. महिला अधिकारी/कर्मचारी महिला यात्रियों के साथ बातचीत करते हुए उन्हें यात्रा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी देते हैं और उनकी यात्रा का विवरण प्राप्त करते हैं. इस प्रकार एकत्रित की गई जानकारी को गूगल शीट पर अपलोड किया जाता है और लाइव निगरानी के लिए ट्रेन के रास्ते में आने वाले सभी मंडलों और विदेशी क्षेत्रों के साथ साझा किया जाता है. गंतव्य स्टेशन पर मेरी सहेली की टीम यात्रियों से फीडबैक लेती है. इस प्रकार एकत्रित फीडबैक को उस ट्रेन की गूगल शीट में अपलोड कर दिया जाता है. वर्तमान में दक्षिण पूर्व रेलवे के हावड़ा/शालीमार/संतरागाछी और रांची से चलने वाली औसतन 50 दैनिक/साप्ताहिक ट्रेनें इस परियोजना के अंतर्गत आती हैं. (नीचे देखे पूरी खबर)

इस ऑपरेशन के तहत कई अच्छे काम किए गए हैं जिसके लिए हाल ही में इसे ऑर्डर ऑफ मेरिट स्कोच अवार्ड से मान्यता मिली है. इस ऑपरेशन के कारण वर्ष 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध शून्य था. नन्हे फरिश्ते फेज-2 को भी बचाव, तस्करों की गिरफ्तारी और बच्चों के पुनर्वास के लिए शुरू किया गया था. डीएससी/आरपीएफ/रांची को लेडी आईपीएफ द्वारा उनकी टीमों के साथ समर्थित ऑपरेशन का कमांडेंट बनाया गया था. कई अच्छे कार्य पूरे हुए हैं. अब तक 19 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. इस ऑपरेशन को ऑर्डर ऑफ मेरिट स्कोच अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था. साल भर की उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गयी, जिसके बाद बताया गया कि पीसीएससी/गार्डन रीच के एसओ संजय जोशी को वर्ष 2021 की विशिष्ट सेवा के लिए आईपीएम (भारतीय पुलिस पदक) से सम्मानित किया गया है. आरपीएफ पोस्ट/बिष्णुपुर के हेड कांस्टेबल संजीत कुमार राम को उत्तम जीवन रक्षा पदक (1.5 लाख रुपये नकद के साथ पदक) से सम्मानित किया गया है. आरपीएफ पोस्ट/बांकुरा के कांस्टेबल, बी.एन.राव को जीवन रक्षा पदक (1 लाख रुपये नकद के साथ पदक) से मान्यता प्राप्त है. अप्रैल, 2021 से जनवरी, 2022 तक आरपीएफ कर्मियों द्वारा 59 जीवन रक्षक कार्य पूरे किए गए हैं। उनके ईमानदार प्रयासों के कारण यात्रियों के बहुमूल्य जीवन को बचाया गया है। ऐसे कर्मचारियों की प्रेरणा के लिए यूट्यूब में आरपीएफ दक्षिण पूर्व रेलवे का एक चैनल बनाया गया है. हाल ही में चक्रधरपुर मंडल के स्वर्गीय शमशेर कुमार सिंह नामक एक कर्मचारी 12/10/2021 को बांसपानी में अपने साथियों को अनियंत्रित भीड़ से बचाने के वीर कार्य के दौरान शहीद हो गया था. उनके सम्मान में राउरकेला में उनके नाम पर एक नया बैरक रखा गया, जिसका उद्घाटन दक्षिण पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक अर्चना जोशी ने किया.
आरपीएफ की उपलब्धियां :
लड़के-लड़की को बचाने की संख्या-743
पुरुष और महिलाओं को बचाने की संख्या-414
मेडिकल असिस्टेंस-45
परिवार से बच्चों को मिलना-221
चाइल्ड वेलफेयर सेंटर में बच्चों को पहुंचा गया-522
खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर 5 लाख 52 हजार का 120 ग्राम का सोना के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया
28 लोगों को 26 लाख 39 हजार 130 रुपये कीमत का गांजा 388.857 किलो और भांग 400 किलो बरामद किया गया. साल भर में ऐसे 27 केस हुए.







