जमशेदपुर : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्णय से धालभूमगढ़ में एयरपोर्ट निर्माण की उम्मीदों पर पुनः पानी फिर गया है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एलिफैंट कॉरिडोर एवं पर्यावरण को होनेवाले नुकसान का हवाला देते हुए 240 एकड़ में प्रस्तावित एयरपोर्ट के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के निर्माण पर 450 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान था और इसके लिए 100 करोड़ रुपए का फंड आवंटित भी किया जा चुका था. नागर विमानन मंत्री ज्योजिरादित्य सिंधिया ने राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश को पत्र के माध्यम से इस संबंध में अवगत कराया है. (नीचे भी पढ़ें)
इसके अनुसार सहमति के लिए राज्य सरकार को विगत 23 दिसंबर को पत्र भेजा गया था जिस पर राज्य सरकार के उत्तर की प्रतीक्षा की जा रही है. एयरपोर्ट नहीं बनने से एक ओर जहां कारोबारियों में निराशा है, वहीं ग्रामीणों में इसको लेकर खुशी का माहौल है. उनका कहना है कि इससे उनकी जमीन सुरक्षित रहेगी. विदित हो कि 24 जनवरी 2019 को राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास, केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा एवं सांसद विद्युत वरण महतो ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया था. उस समय उम्मीद जताई गई थी कि एयरपोर्ट का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा हो जाएगा और कोल्हान क्षेत्र के लोग वहां से हवाई सफर का आनंद ले पायेंगे.



