बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के चित्रेश्वर शिव मंदिर में सावन माह की पहली सोमवार पर भगवान शिव की पूजा करने और जलाभिषेक करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. पूजारी दिपक सतपती समेत अन्य पूजारी ने मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं की मंत्रोच्चार कर पूजा संपन्न कराई. पहले सोमवार पर पूजा करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. पूजारी दिपक सतपती ने कहा कि यह मंदिर पौराणिक शिव मंदिर है यहां लगभग 3000 वर्ष पूर्व राजा के कार्यकाल से ही पूजा की जा रही है. उन्होंने कहा कि मंदिर बंगाल, झारखंड और ओडिशा के बॉर्डर पर स्थित है. सावन माह में पूजा करने के लिए तीनों ही राज्य के श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. (नीचे भी पढ़ें)
हजारों कावंरिया विभिन्न नदी घाटो से कांवर में जल भरकर पैदल चलकर मंदिर पहुंचकर श्रद्धापूर्वक भगवान शिव पर जलाभिषेक करते है. सावन में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा काफी सहयोग किया जाता है. मंदिर में पूरे साल पूजा करने के लिए भक्तों की भीड़ रहती है परंतु सावन माह में अत्यधिक भीड़ उमड़ती है. (नीचे भी पढ़ें)
दो भागों में बंटा है शिव लिंग-
मंदिर के पूजारी दिपक सतपती ने बताया कि चित्रेश्वर शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग दो भागों में बंटा हुआ है. कहा कि इस शिवलिंग को लेकर तरह तरह की चर्चा है. उनमें से एक यह है कि दो राज्य के राजा के लड़ाई होने के कारण मंदिर के शिव लिंग को दो भागों में बांट दिया गया था, वही कोई कहता है कि राजा की एक गाय यहां रोजाना आकर भगवान पर दूध देती थी इसलिए यह शिव लिंग को दो भागों बांटा है. परंतु इसकी सत्यता क्या है यह कोई नही जानता है. वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि इस मंदिर में स्वयम से निकले शिवलिंग दो भागों में निकला है जिसे शिव और पार्वती के रूप में यहां पूजा की जाती है.




