जमशेदपुर : जमशेदपुर के सामाजिक संस्था युवा एवं जीएफएफ के सहयोग से प्रीवेंटिंग एंड रेस्पॉन्डिंग टू चाइल्ड मैरिज एंड अर्ली यूनियन प्रोजेक्ट के तहत शुक्रवार को महिला कल्याण समिति सुंदरनगर में पोटका प्रखंड के विभिन्न गांवों की किशोरियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को डिजिटल लिटरेसी और साइबर क्राइम से बचाव से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं. कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन विकास श्रीवास्तव ने किशोरियों को डिजिटल दुनिया के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने मोबाइल फोन, इंटरनेट और वेबसाइट के कार्य करने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया. (नीचे भी पढ़े)

साथ ही इंटरनेट के इतिहास और इसके विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की. प्रशिक्षण के दौरान साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया. किशोरियों को बताया गया कि इंटरनेट का उपयोग करते समय ओटीपी, पासवर्ड और निजी जानकारी को सुरक्षित रखना कितना जरूरी है. कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तरी (क्विज) का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से दिन भर दी गई जानकारी का परीक्षण भी किया गया. (नीचे भी पढ़े)

प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े सवालों के जवाब दिए. प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर चाँदमनी सवैयाँ ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की किशोरियों को डिजिटल तकनीक के प्रति जागरूक और सक्षम बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे सुरक्षित रूप से इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सकें. प्रशिक्षण को सफल बनाने में अवंती सरदार ,रीला सरदार और किरण सरदार की अहम् भूमिका रही.







