रांची/जमशेदपुर/दुमका : झारखंड के कई लड़के और लड़कियों ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में जबरदस्त परफार्मेंस किया है. इसमें कई जिलों के लड़के और लड़कियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है.
दुमका की बेटी सुदीपा ने 41वां रैंक हासिल किया

झारखंड की उपराजधानी कहे जाने वाले दुमका की बेटी सुदीपा दत्ता ने यूपीएससी की परीक्षा में 41वां रैंक हासिल किया है. वह मूल रूप से कुमड़ाबाद की रहने वाली हैं. उनके पिता सच्चिदानंद दत्ता डाकघर में पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां पंपा दत्ता गृहिणी हैं. साधारण परिवार से आने वाली सुदीपा ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है. यह सुदीपा का तीसरा प्रयास था. इससे पहले वह एक बार इंटरव्यू तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन कुछ अंकों से अंतिम सूची में जगह बनाने से चूक गयी थीं. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और निरंतर तैयारी जारी रखी. आखिरकार इस बार उन्होंने शानदार सफलता हासिल कर ली. सुदीपा की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ स्कूल, बांका से हुई. इसके बाद उन्होंने सिदो-कान्हू हाई स्कूल, दुमका से 12वीं की पढ़ाई पूरी की. स्नातक की पढ़ाई उन्होंने ए एंड कॉलेज, दुमका से की. खास बात यह है कि उन्होंने दुमका में रहकर ही यूपीएससी की तैयारी की. तैयारी के दौरान सुदीपा राजकीय पुस्तकालय, दुमका में नियमित रूप से अध्ययन करती थीं. यहां आयोजित ग्रुप डिस्कशन और मॉक टेस्ट में सक्रिय रूप से भाग लेकर उन्होंने अपनी तैयारी को मजबूत बनाया. उनकी सफलता यह साबित करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ निश्चय और मेहनत से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है. इससे पहले भी सुदीपा का चयन झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीडीपीओ पद के लिए भी हो चुका है. उनके परिवार, मित्रों और शिक्षकों ने उनकी सफलता पर खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.(नीचे भी पढ़े)
गम्हरिया का आयुष है कोल्हान टॉपर

सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया निवासी आयुष कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में अव्वल प्रदर्शन किया है. गम्हरिया की टायो कॉलोनी निवासी आयुष को ऑल इंडिया रैंकिंग में 143 रैंक हासिल किया है. कोल्हान स्तर का टॉपर बने है. बताया जाता है कि उन्होंने बिना कोई कोचिंग के ऑनलाइन और यूट्यूब के माध्यम से पढ़ाई की है और सफलता हासिल की है. पहले ही प्रयास में उन्होंने यह सफलता हासिल की है.(नीचे भी पढ़े)
लातेहार का बिपुल यूपीएससी में 103 रैंक हासिल किया

झारखंड के लातेहार जिले स्थित महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत चटकपुर गांव के होनहार लाल बिपुल गुप्ता ने यूपीएससी में देशभर में 103वीं रैंक हासिल की. बिपुल गुप्ता की यह सफलता उनकी निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम है. पिछले वर्ष भी उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की थी, लेकिन 368वीं रैंक आने के कारण वह आईएएस बनने से चूक गये थे. हालांकि, उसी वर्ष उन्होंने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) की परीक्षा में देशभर में 12वां स्थान प्राप्त किया था. वर्तमान में वन विभाग में बतौर अधिकारी कार्यरत हैं. हालांकि हमेशा से उनका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाकर जनसेवा करना था, जिसे उन्होंने इस बार हासिल कर लिया.(नीचे भी पढ़े)
साहिबगंज की बेटी निहारिका को मिला 365 वां रैंक

यूपीएससी की परीक्षा में साहिबगंज की बेटी निहारिका सिन्हा ने 365वीं रैंक हासिल किया है. निहारिका शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं. उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है. वह निरंजन सिन्हा और शबनम कुमारी की बड़ी बेटी हैं. उनके पिता पेशे से दर्जी हैं, जबकि उनकी मां शबनम कुमारी स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध पर नर्स के रूप में कार्यरत है. स्नातक के बाद निहारिका यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली चली गयीं. वर्ष 2024 में उन्होंने पहला प्रयास किया, जिसमें वह मुख्य परीक्षा भी क्वालीफाई नहीं सकीं. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी. अंततः वर्ष 2025 में दूसरे प्रयास में उन्होंने 365वीं रैंक हासिल कर अपने माता-पिता के सपनों को नई उड़ान दी.(नीचे भी पढ़े)
धनबाद की श्रुति मोदी ने किया 569 रैंक हासिल

यूपीएससी की परीक्षा में धनबाद जिले के बरोरा की श्रुति मोदी ने सामान्य श्रेणी में 569वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार, मित्रों और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है. श्रुति मोदी के पिता सीताराम मोदी और माता सुषमा मोदी हैं. उन्होंने दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम की पढ़ाई पूरी की है. श्रुति वर्तमान में बैंक क्लर्क के रूप में कार्यरत हैं और नौकरी के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं. अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने यह सफलता हासिल की है. श्रुति मोदी का घर द्वारका मोड़ में है. उनकी इस उपलब्धि पर वर्णवाल सेवा समिति, बाघमारा सहित परिजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है.







