जमशेदपुर : जमशेदपुर में एक युवक की संदिग्ध मौत को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है. पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता शुक्रवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने सिविल सर्जन को स्पष्ट निर्देश दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम बोर्ड गठित कर वीडियोग्राफी की निगरानी में प्रक्रिया पूरी की जाए, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का निष्पक्ष तरीके से पता लगाया जा सके. मृतक रेयान आलम के परिजनों ने डॉक्टर अशरफ बदर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि रेयान आलम को इलाज के दौरान एक इंजेक्शन दिया गया, जिसके तुरंत बाद उसकी हालत बिगड़ गयी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गयी. (नीचे भी पढे़ं)
परिवार का आरोप है कि यह सीधे तौर पर चिकित्सकीय लापरवाही का मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गयी, जहां सभी ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. परिजनों का कहना है कि जब तक डॉक्टर और संबंधित क्लिनिक के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा. पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की पूरी पारदर्शिता के साथ जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि मेडिकल प्रक्रिया में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले. फिलहाल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.



