जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला के डुमरिया गांव के 118 परिवारों को ग्राम प्रधान द्वारा सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला सुनाये जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. बहिष्कृत ग्रामीणों के पक्ष में आदिवासी सेंगेल अभियान ने मोर्चा संभाल लिया है. (नीचे भी पढ़ें)
मंगलवार को सेंगेल अभियान की ओर से उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर ग्रामीणों पर अत्याचार करने वाले ग्राम प्रधान और उनके सहयोगियों पर कार्रवाई की मांग की गई. आदिवासी सेंगेल अभियान का कहना है कि ग्रामीणों का बहिष्कार करने के पीछे माझी परगना महाल संगठन के देश परगना मुख्य रूप से शामिल है. (नीचे भी पढ़ें)
आदिवासी सेंगेल अभियान ने इस मामले मे अलग-अलग क्षेत्र के लोगों की मांग पत्र के जरिये उपायुक्त को सौंपा है. उनका कहना है कि समाज में ऐसे लोगों द्वारा नशापान, डायन प्रथा, अंधविश्वास को बढ़ावा देने, वोट की खरीद- बिक्री जैसी कुप्रथाओं को आगे बढ़ाने का काम किया जाता है, जो संविधान एवं जनतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है. सेंगेल अभियान ने माझी परगना महाल जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाते हुए इनके समर्थकों को तत्काल गिरफ्तार किये जाने की मांग की है.











