रांची : झारखंड के पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में एडीजी अभियान डॉ संजय आनन्द राव लाठकर की अध्यक्षता में लैंगिक अपराध तथा पॉक्सो एक्ट से संबंधित लंबित कांडों, सीपीएमएस एप्लिकेशन द्वारा साक्षियों को न्यायालय में स-समय उपस्थापन एवं आपराधिक वादों में दोषमुक्ति संबंधी वादों में अपील दायर करने से संबंधित कांडों की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, अभियान के अतिरिक्त डीआइजी रेल प्रियदर्शी आलोक एवं डीआइजी अपराध अनुसंधान विभाग संध्या रानी मेहता, भौतिक रूप से उपस्थित रहे तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया. समीक्षा के क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक, अभियान ने महिलाओं के विरूद्ध होने वाले लैंगिक तथा पोक्सो एक्ट के अंतर्गत दर्ज काण्डों के निर्धारित समय सीमा के अंदर निष्पादन हेतु व्यापक रूप से चर्चा की. जिन जिलों के निष्पादन स्तर में कमी पाया गया उन जिलों के पुलिस अधीक्षकों को कांड के निष्पादन हेतु कई बिन्दुओं पर निर्देश देते हुए कांड का निष्पादन त्वरित गति से करने एवं जिलों में प्रतिवेदित संवेदनशील कांडो की मॉनिटरिंग करने के साथ सभी प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक एवं क्षेत्रीय पुलिस उप-महानिरीक्षक को भी अपने स्तर से अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक, अभियान द्वारा आपराधिक वादों में दोषमुक्त व कम सजा वाले वादों की समीक्षा हेतु जिला या ईकाई में कार्यरत एसआइपीयू की स-समय समीक्षा करने के संबंध में सभी वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया. सभी पुलिस उप-महानिरीक्षक को पिछले छः माह के आपराधिक मामले यथा-आर्म्स एक्ट, साईबर काईम, एनडीपीएस, अन्य संवेदनशील कांडों, जिसमें अभियुक्त को दोषमुक्ति या कम सजा मिली है, उसकी भी समीक्षा करने एवं अपील योग्य कांडों में निर्धारित समयावधि में अपील दायर करने का निर्देश दिया गया. अपर पुलिस महानिदेशक, अभियान ने सभी वरीय पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक को सीपीएमएस एप्लीकेशन द्वारा साक्षियों को न्यायालय में स-समय उपस्थित कराने हेतु विशेष रूप से निर्देश दिया. यह भी निर्देश दिया गया कि जिन वादों में पुलिसकर्मियों द्वारा गवाही नहीं दिये जाने के कारण अभियुक्त को सजा नहीं हो सका इसकी भी समीक्षा की जाये. साक्षियों की गवाही न्यायालय में ससमय सुनिश्चित करने, विशेषकर पुलिस पदाधिकारी व कर्मियों की गवाही न्यायालय में स-समय सुनिश्चित कराने तथा वैसे पुलिस पदाधिकारी व कर्मियों, जो न्यायालय में अपनी गवाही हेतु किसी विशेष कारणवश उपस्थित नहीं हो पाते हैं, उनकी गवाही वीसी के माध्यम से कराना सुनिश्चित करेंगे. गवाही नहीं देने वाले पुलिस पदाधिकारी व कर्मियों के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए कृत कार्रवाई से पुलिस मुख्यालय को अवगत करायेंगे. पुलिसकर्मियों के अतिरिक्त सरकारी गवाह यदि गवाही हेतु न्यायालय में स-समय नहीं उपस्थित होते हैं, तो संबंधित विभाग के वरीय पदाधिकारी को सूचित करेंगे एवं आवश्यकतानुसार वीसी के माध्यम से भी उनकी गवाही सुनिश्चित करायेंगे.



