जमशेदपुर : टाटा स्टील की अधीकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन के पांच कमेटी मेंबरों को एक बार फिर से चार्जशीट दे दिया गया है. इस बार कोल्ड रोलिंग मिल (सीआरएम) के कमेटी मेंबर सरोज पांडेय, दिनेश्वर सिंह, गुलाब चंद यादव, सूरज कुमार और संदीप बेहरा को नोटिस दिया गया है. हालांकि, सरोज पांडेय और संदीप बेहरा ने चार्जशीट मिलने की बात से इनकार किया है. गौरतलब है कि सीआरएम से सहायक सचिव नितेश राज खुद चुनाव जीतकर आते है. जिन कमेटी मेंबरों पर कार्रवाई की गयी है, उन पर आरोप है कि काम के दौरान उन लोगों ने लापरवाही बरती और ड्यूटी के दौरान गायब थे, जिसकी सूचना तक नहीं दी गयी थी. गायब होने की शिकायत मिलने के बाद चार्जशीट (कारण बताओ नोटिस की तरह का) जारी किया गया है. यह पूछा गया है कि क्यों नहीं उनका यह कृत्य कंपनी के कोड ऑफ कंडक्ट के खिलाफ माना जाये और कार्रवाई की जाये. टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है, जिसको लेकर कमेटी मेंबरों और कर्मचारियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है. सारे लोग आक्रोशित है. (नीचे भी पढ़ें)
दरअसल, इससे पहले नौ कमेटी मेंबरों के खिलाफ मैनेजमेंट ने कार्रवाई की है. सीआरएम के ही कमेटी मेंबर अश्विनी माथन का वेतन से 97 हजार रुपये काट लिये गये क्योंकि वे ड्यूटी से गायब पाये गये थे. वहीं, एलडी वन के कमेटी मेंबर जेपी लेंका, चंदन कुमार सिंह, सीआरएम के अनिल मिश्रा, सेफ्टी के संतोष सिंह समेत अन्य कमेटी मेंबरों पर भी गाज गिर चुकी है. कमेटी मेंबर आम मजदूरों का काम करते है. उनके काम से वे लोग एक जगह से दूसरी जगह जाते है. उनको ड्यूटी पर पहले रिलेक्सेशन भी दिया गया था, लेकिन वर्तमान कमेटी के कार्यकाल के दौरान कमेटी मेंबरों को कोई छूट नहीं दिया गया है और लोगों में इसको लेकर काफी गुस्सा है. इसको लेकर आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है. नेतृत्व करने वाले नेताओं के खिलाफ लोगों में गुस्सा है कि आखिर मजदूर हित में काम करने के लिए उनको छूट नहीं दी जा रही है तो फिर वे लोग कमेटी मेंबर क्यों रहे जबकि वे लोग कर्मचारियों के वोट से ही चुनाव जीतकर आते है.



