देवघर : झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का देवघर आगमन हुआ. इसके पश्चत राज्यपाल ने बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद लिया. इससे पूर्व तीर्थ पुरोहितों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ उन्हें संकल्प कराया गया. इसके पश्चात राज्यपाल द्वारा द्वादश ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की गयी. इसके अलावा पूजा अर्चना पश्चात मौके पर उपस्थित देवघर के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को भेंट स्वरूप स्मृति चिन्ह व बाबा बैद्यनाथ का प्रसाद प्रदान किया. ज्ञात हो राज्यपाल देवघर एम्स के छठी वर्षगांठ में हिस्सा लेने पहुंचे है. इस मौके पर उपरोक्त के अलावा अनुमंडल पदाधिकारी सह बाबा मंदिर प्रभारी रवि कुमार एवं संबंधित अधिकारी, दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य उपस्थित थे. इससे पहले राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का देवघर एयरपोर्ट पर आगमन हुआ. इस दौरान डीआइजी अंबर लकड़ा, उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा एवं पुलिस अधीक्षक अजीत पीटर डुंगडुंग, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने पुष्पगुच्छ प्रदान कर उनका स्वागत देवघर एयरपोर्ट पर किया. (नीचे भी पढ़ें)

राज्यपाल देवघर एम्स के छठी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिल
देवघर स्थित एम्स के छठी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने द्वीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इसके पश्चात राज्यपाल ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि 31 जुलाई, 2025 को एम्स देवघर ने अपना प्रथम दीक्षांत समारोह आयोजित किया, जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति रही. वह क्षण इस संस्थान के इतिहास में अमिट रहेगा. वह केवल डिग्री प्राप्ति का अवसर नहीं, बल्कि सेवा का संकल्प लेने का क्षण भी था. यह गौरव केवल विद्यार्थियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे झारखण्ड के लिए भी था. आगे उन्होंने कहा कि मुझे यह कहते हुए हर्ष है कि 270 एकड़ में फैला यह आधुनिक परिसर 750 बेड वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अत्याधुनिक डायग्नॉस्टिक सुविधाएँ, शोध केंद्र और उत्कृष्ट संकाय के साथ आज स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा का सशक्त आधार है. यहां न केवल झारखण्ड, बल्कि बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे सीमावर्ती राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं. वास्तव में किसी भी चिकित्सा संस्थान की साख उसके मरीजों को दी जाने वाली सुविधा और उनके विश्वास से ही आंकी जाती है. हम सबको यह स्मरण रखना चाहिए कि चिकित्सक का दायित्व केवल रोग का उपचार करना ही नहीं है, बल्कि रोगी के मन में स्वस्थ होने की आशा और विश्वास जगाना भी है. एक डॉक्टर की अच्छी वाणी, उसका धैर्य और उसका स्नेह कभी-कभी मरीजों के लिए सबसे बड़ी औषधि सिद्ध हो जाते हैं. यही कारण है कि अस्पताल केवल इलाज का स्थान नहीं होता, बल्कि मानवता और करुणा का मंदिर भी होता है. उन्होंने कहा कि वे चाहते है कि सभी अस्पताल इस आदर्श को आत्मसात करें. साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह संकल्प है कि देश का कोई भी नागरिक आर्थिक या भौगोलिक कारणों से उपचार से वंचित न रहे. (नीचे भी पढ़ें)

प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत स्थापित यह एम्स, उनके “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को स्वास्थ्य क्षेत्र में साकार कर रहा है. प्रधानमंत्री ने जिस विकसित भारत 2047 का आह्वान किया है, उस सपने को पूरा करने में एम्स देवघर जैसे संस्थान की अग्रणी भूमिका है. अपने संबोधन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि ओपीडी सेवाओं की शुरुआत से अब तक सात लाख से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं. यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि एम्स देवघर की स्वास्थ्य सेवाएँ जनसामान्य तक पहुंच रही हैं और उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही हैं. विशेष उल्लेखनीय है कि यहां केवल उपचार ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, उन्नत भारत अभियान के अंतर्गत गाँवों को गोद लेना और जन औषधि केंद्रों का संचालन भी किया जा रहा है. इस प्रकार के पुनीत कार्य यह सिद्ध करते हैं कि एम्स देवघर केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि समाज का सच्चा साथी है. उन्होंने कहा कि उनको उम्मीद है कि एम्स, देवघर के बेहतर प्रयासों से झारखण्ड के दूरदराज़ अंचलों के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है और आने वाले समय में इसका विस्तार और व्यापक स्तर पर दिखाई देगा. उनको विश्वास है कि शीघ्र ही इसकी गणना देश के नामचीन चिकित्सा संस्थानों में होगी. राज्य के लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. (नीचे भी पढ़ें)

यह केवल स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता ही नहीं होगी बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी एक बड़ी उपलब्धि सिद्ध होगी. आगे उन्होंने कहा कि प्रिय विद्यार्थियों, जब आप सफेद कोट पहनते हैं, तो वह केवल परिधान नहीं होता, बल्कि यह मानवता की सेवा, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा की शपथ होती है. आने वाले समय में आपके ज्ञान और कौशल से असंख्य जीवन जुड़े होंगे. आपकी संवेदनशीलता और आपकी निष्ठा ही इस संस्थान की वास्तविक पहचान बनेगी. मुझे पूर्ण विश्वास है कि एम्स देवघर शिक्षा, अनुसंधान और सेवा के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा. यहां से निकलने वाले चिकित्सक और शोधकर्ता न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को स्वस्थ और सुखी बनाने में अहम योगदान देंगे. इसके अतिरिक्त सांसद गोड्डा डॉ निशिकांत दुबे ने अपने सम्बोधन में एम्स की खूबियां गिनाई जबकि एम्स निदेशक ने स्वागत सम्बोधन के साथ रुपरेखा रखी.



