रांची : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को रविवार को उनके रांची स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया. यह कार्रवाई सदर डीएसपी के नेतृत्व में की गई. जानकारी के अनुसार, चंपाई सोरेन नगड़ी क्षेत्र में विवादित रिम्स-2 जमीन पर किसानों के समर्थन में हल जोतने वाले थे. इस कार्यक्रम में हजारों लोगों के जुटने की संभावना थी, लेकिन प्रशासन ने उन्हें आवास से बाहर निकलने से रोक दिया. चंपाई सोरेन के साथ सरायकेला जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा और उनके दोनों पुत्रों को भी हाउस अरेस्ट किया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, कई अन्य नेताओं को रिम्स-2 जमीन के पास जाने से रोक दिया गया है. इधर उनके मंझले पुत्र और घाटशिला से बीजेपी प्रत्याशी रहे बाबूलाल सोरेन को पुलिस ने तमाड़ में गिरफ्तार करने का प्रयास किया जिसपर वे भड़क उठे और सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी हत्या करवाना चाहती है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से सूर्य हादसा का एनकाउंटर किया गया सरकार उनका भी एनकाउंटर करना चाहती है. उन्होंने कहा कि नगड़ी में धारा 144 लगाई गई है पूरे राज्य में लोगों को परेशान किया जा रहा है. उधर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है. इधर पूर्व सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि नगड़ी के किसान वर्षों से इस जमीन पर खेती कर रहे थे, लेकिन अब तार की बाड़ लगाकर उन्हें रोका जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि न तो जमीन का अधिग्रहण हुआ है और न ही कोई नोटिस दिया गया है. चंपाई सोरेन ने सवाल उठाया कि खेती पर निर्भर किसानों को भूमिहीन कैसे किया जा सकता है. उन्होंने मांग की कि यदि अधिग्रहण हुआ है तो संबंधित विभाग इसकी जानकारी सार्वजनिक करे. उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी है की नगड़ी के आदिवासी/ मूलवासी किसानों की आवाज उठाने से रोकने के लिए झारखंड सरकार ने आज सुबह से मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया है.



