चाकुलिया: चाकुलिया प्रखंड की माटियाबांधी पंचायत के घाघरा पहाड़ पर विगत 2-3 दिनों से एक हाथी शरण लिए हुए है. शाम ढलते ही भोजन की तलाश में हाथी पहाड़ से उतरकर गांव की और रूख करता है और जमकर उपद्रव करता है. गुरूवार की रात हाथी पहाड़ पर बसा घाघरा गांव निवासी हरगोबिंद सिंह के आम बगान में हाथी घुस कर आम को खाकर और पैरों तलें रौंदकर काफी नुकसान पहुंचाया है. (नीचे भी पढ़े)

इस संबंध में हरगोबिंद सिंह ने बताया कि उन्होंने मनरेगा योजना से 212 आम के पौधे लगाए थे जो पुरी तरह तैयार हो गया था और अब आम के पेड़ में फल भी हो रहा था. कहा की हाथी ने आम बगान में लगे 60-70 प्रतिशत आम पेड़ को तोड़कर बर्बाद कर दिया है. उन्होंने कहा कि हाथी ने कटहल पेड़ को भी नुकसान पहुंचाया है और धान की खेती के लिए तैयार किए गए बिचड़े को भी हाथी द्वारा रौंदकर बर्बाद कर दिया है इससे उन्हें हजारों रूपए का नुकसान हुआ है.(नीचे भी पढ़े)
वन विभाग ने नहीं ली सुध और ना ही वितरण किए सामग्री:स्थानीय निवासी हरगोबिंद सिंह ने बताया कि हाथी द्वारा किए गए नुकसान का वन विभाग के पदाधिकारी द्वारा सुध तक नहीं लिया गया. कहा की गांव में हाथी के होने की सूचना विभाग को दी गई है परंतु वन विभाग द्वारा हाथी को भगाने के लिए ग्रामीणों के बीच ना तो मशाल,पटाखे और टर्च का वितरण नहीं किया गया है. जिसके कारण ग्रामीणों को हाथी भगाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वन विभाग द्वारा हाथी भगाने की दिशा में पहल नहीं किए जाने के कारण लोगों में पदाधिकारियों के प्रति काफी आक्रोश व्याप्त है.








