
जमशेदपुर : टाटा मोटर्स में उत्पादन लागत को कम करने के लिए अपने कर्मचारियों के बाद अपने अधिकारियों के लिए स्वेच्छिक सेवानिवृत्त योजना (वीआरएस) लेकर आयी है. टाटा मोटर्स में वैश्विक स्तर पर 42 हजार 597 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिसकी संख्या को 21 हजार तक लाने की योजना है. कंपनी सूत्रों की माने तो प्रबंधन अपने कर्मचारियों की संख्या को आधा करने की योजना बना रही है. टाटा मोटर्स प्रबंधन चार वर्षो में तीसरी बार वीआरएस को लेकर आयी है. कंपनी प्रबंधन का कहना है कि इस योजना के तहत उनकी प्लानिंग निर्धारित लागत सरंचनाओं में होने वाले खर्च को कम करना है. 11 दिसंबर से कंपनी प्रबंधन ने सभी प्लांट में वीआरएस योजना को प्रभावी कर दिया है. इस योजना के लिए वे अधिकारी आवेदन कर सकते हैं जो पांच वर्ष या उससे अधिक समय से कंपनी से जुड़े हुए हैं. वीआरएस योजना के तहत आवजा एक कर्मचारी की उम्र और कंपनी के साथ बिताए गए वर्षों पर निर्भर करता है. टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने बताया कि टर्नअराउंड प्लान को सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया है. यह योजना 11 दिसंबर से नौ जनवरी तक प्रभावी रहेगा. इस अवधि के बीच कोई भी कर्मचारी वीआरएस के लिए आवेदन कर सकते हैं. वर्ष 2019 में भी कंपनी ने भारी वाणिज्यिक वाहन निर्माण से 1600 से अधिक कर्मचारियों को वीआरएस स्कीम दिया था. कंपनी प्रबंधन लगातार अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की संख्या कम करने के लिए प्रयासरत है. आर्थिक मंदी और कोविड 19 के कारण हुए लॉकडाउन की वजह से हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड, टोयोटा किलरेस्कर मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड और अशोक लीलैंड जैसे अन्य ऑटो कंपनियों ने अपने यहां इस तरह की योजना पहले ही लागू कर चुके हैं. वैसे जमशेदपुर के टाटा मोटर्स प्लांट में करीब 5 हजार कर्मचारी है, जिसको करीब 3500 तक किया जाना है.



