
आदित्यपुर : सरायकेला- खरसावां यूथ इंटक की जिला उपाध्यक्ष सह राजीव गांधी ऑल इंडिया कांग्रेस महिला इकाई की प्रदेश अध्यक्ष लखी कुमारी के साथ शादी का झांसा देकर एक साल तक यौन शोषण करने के आरोपी कंग्रेसी नेता हरिकृष्ण सिंह परिवार सहित भूमिगत हो गए हैं. आपको बता दें कि पिछले दिनों कांग्रेसी नेत्री ने इंसाफ के लिए जब पूरे मामले की शिकायत आदित्यपुर थाने में लेकर पहुंची थी, तो सांसद प्रतिनिधि अनामिका सरकार, प्रकाश राजू, नगर अध्यक्ष संतोष सिंह ने बजावते प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे कांग्रेस परिवार का अंदरूनी मामला बताते हुए आरोपी कंग्रेसी नेता को शादी के लिए तैयार होने की बात कही थी.

साथ ही ये भी कहा था कि दोनों की ओर से शादी के लिए सरायकेला रजिस्ट्रार के यहां आवेदन दिया जा चुका है जहां 13, 14 और 15 अक्टूबर का तिथि निर्धारित किया गया है. इधर 13 और 14 अक्टूबर को वर पक्ष (आरोपी कांग्रेसी नेता) रजिस्ट्रार के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ और परिवार सहित भूमिगत हो गया है. इधर दो- दो डेट लैप्स होने पर पीड़ित कांग्रेस नेत्री ने सरायकेला एसडीओ से इंसाफ की फरियाद लगाई. जहां एसडीओ ने पीड़िता को आदित्यपुर थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्देश दिया, लेकिन थाना पहुंचने पर आदित्यपुर थाना पुलिस ने पीड़ित कांग्रेस नेत्री के खिलाफ आरोपी के परिवार की ओर से शिकायत मिलने की बात कहते हुए पूछताछ के लिए उपस्थित होने की बात कही गयी.

जबकि पीड़िता द्वारा दो माह पूर्व यौन शोषण का आरोप संबंधी शिकायत आदित्यपुर थाने में किया जा चुका है. हैरान करने वाली बात ये है कि पीड़िता की शिकायत पर आदित्यपुर थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, न ही शिकायत की कॉपी कांग्रेस नेत्री को दी गई. उससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़िता ने 31 अक्तूबर को जिले के एसपी को भी इस पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है. ऐसे में यौन शोषण जैसे संगीन आरोप लगे होने के बाद भी आरोपी के खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्रवाई सरायकेला पुलिस प्रशासन की ओर से नहीं किया जाना अपने आप में एक बड़ा सवाल है. इसके पीछे कौन है, ये जांच का विषय है, जबकि पीड़िता ने खुद के जान को लेकर भी एसपी से किए शिकायत में चिंता जताई थी. वैसे हैरान करने वाले इस प्रकरण में महिला सुरक्षा से संबंधित कानून की खुलकर धज्जियां उड़ाई गई है. एक तरफ पूरे देश में महिला सुरक्षा को लेकर बवाल मचा हुआ है. यूपी का हाथरस हो या झारखंड का साहिबगंज. हर राज्य कहीं ना कहीं महिला सुरक्षा के मामले में कटघरे में खड़ा है. ऊपर से झारखंड में कांग्रेस सरकार में सहयोगी भी है. ऐसे में महिला सुरक्षा की दुहाई देकर केंद्र और यूपी सरकार को घेरने वाली कांग्रेस अपने घर के ही कुकर्मी नेता के मामले में आखिर चुप क्यों है. आपको बता दें, कि इससे पूर्व पीड़ित कांग्रेस नेत्री ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा और उनकी सांसद पत्नी से लेकर कांग्रेस के लगभग हर बड़े नेताओं से अपनी आपबीती सुनाई लेकिन, हर कांग्रेसी नेताओं ने अपने कांग्रेस परिवार की महिला सदस्य के चरित्र को ही कटघरे में खड़ा करते हुए पल्ला झाड़ लिया. हद तो यह है कि मामला मीडिया में आने के बाद सांसद प्रतिनिधि अनामिका सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दोनों की शादी कराए जाने की बात कही थी, लेकिन जब शादी का वक्त आया, तो आरोपी कांग्रेसी नेता के परिवार के साथ सभी कांग्रेसी नेता एक बार फिर से भूमिगत हो गए. वैसे राज्य की विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी साहिबगंज और गुमला में नाबालिक के साथ हुए दुष्कर्म मामले को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है, ऐसे में इस मामले में विपक्ष चाहे तो जोरदार तरीके से सरकार पर हमला कर सकती है.






