नई दिल्ली : पांच राज्यों, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु एवं केरल में मतदान के बाद सोमवार शुरू हुई मतगणना में असम को छोड़ कर बाकी लगभग सभी राज्यों में भारी उलटफेर होता दिखाई दे रहा है. विधानसभा चुनावों को लेकर सबसे अधिक चर्चा में रहे पश्चिम बंगाल में भारी उलटफेर करते हुए भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाती दिख रही है तो वहीं तमिलनाडु में सारे कयासों और एग्जिट पोल के पूर्वानुमानों को धता बताते हुए पहली बार चुनाव मैदान में उतरी टीवीके की आंधी में सीएम स्टालिन सहित उनकी पूरी सरकार उड़ती नजर आ रही है. यहां सीएम स्टालिन को भी चुनाव में भारी हार का मुंह देखना पड़ा है. (नीचे भी पढ़ें)

असम में भाजपा न सिर्फ लगातार तीसरी बार सरकार बनाती दिख रही है, बल्कि हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में पार्टी 122 सीटों वाली असम विधानसभा में अकेले सौ सीटों का आंकड़ा पार करती दिख रही है. यही नहीं, असम में प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस जिस गौरव गोगोई के चेहरे पर चुनाव मैदान में उतरी थी, वे खुद 23 हजार से अधिक वोटों से चुनाव हार गए हैं. वहीं केरल में वाम फ्रंट की सरकार भी कांग्रेस के सामने पस्त होती नजर आ रही है जहां कांग्रेस 126 सीटों वाली विधानसभा में अकेले दम पर बहुमत प्राप्त करने के कगार पर पहुंच गई है. सीपीएम को यहां तीस का आंकड़ा पार करने में भी दिक्कत नजर आ रही है. पुडुचेरी की 30 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा अकेले 17 सीटें लाकर बहुमत प्राप्त करती दिख रही है. (नीचे भी पढ़ें)

पश्चिम बंगाल में इस बार एसआइआर के बाद हो रहे विधानसभा चुनाव कई मामलों को लेकर सर्वाधिक चर्चा में रहे. प्रधानमंत्री मोदी एवं गृहमंत्री अमित शाह सहित भारतीय जनता पार्टी के दर्जनों वरिष्ठतम नेताओं के चुनाव प्रचार में एड़ी-चोटी का पसीना एक करने के कारण तो आकर्षण का केंद्र रहा ही, इसके साथ ही चुनाव आयोग की ओर से स्वच्छ एवं निष्पक्ष मतदान के लिए की गई विशेष तैयारियों के कारण भी पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा था. इसके अलावा पहली बार बंगाल में 90 फीसदी से भी अधिक हुए मतदान ने भी सबको चौंकाया और लोग नये सिरे से जोड़-घटाव करने पर मजबूर हुए कि इस बंपर मतदान का फायदा किसको मिलेगा.

हालांकि अधिकांश मीडिया चैनलों द्वारा भाजपा को बढ़त और उसके सरकार बनाने का पूर्वानुमान किये जाने के बावजूद कोई इसको लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिख रहा था. आज सुबह मतपेटियां खुलने के साथ ही जो भाजपा की लहर देखने को मिली, उससे भाजपा नेताओं ही नहीं बंगाल के आम पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बन गया और समाचार लिखे जाने तक पार्टी दो सौ सीटों का आंकड़ा छूती दिख रही है. सत्तारूढ़ ममता बनर्जी की टीएमसी के लिए 90 सीटों का आंकड़ा पार करना भी मुश्किल लग रहा है.

असम में हिमंता बिस्वा सरमा की जीत तो पहले से पक्की मानी जा रही थी, किन्तु 126 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा के अकेले सौ सीटों का आंकड़ा पार करने की भविष्यवाणी किसी ने नहीं की थी. हिमंता बिस्व सरमा का जादू असमिया जनता के सिर चढ़ कर बोला है. केरल में एक बार फिर कांग्रेस सत्ता में आ रही है जहां उसके नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) को स्पष्ट बहुमत मिलने जा रहा है. वहीं तमिलनाडु में एक्टर विजय की नवगठित पार्टी टीवीके ने सबको चौंकाते हुए 234 सीटों वाली विधानसभा में अकेले 110 का आंकड़ा छूती नजर आ रही है. सत्तारूढ़ डीएमके को 77 सीटें मिलती दिख रही हैं तो एआइडीएमके 53 सीटों पर आगे चल रही है. भाजपा का यहां फिर खाता खुलता नजर नहीं आ रहा है.







