अनिल कुमार / बोकारो : बोकारो के चास में एक ऐसा आंगनबाड़ी केंद्र है, जहां बच्चों के पढ़ने वाले क्लास रूम में ही खाना भी पकता है. यह चास के भंवरी मोहल्ला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र है, जहां छोटे-छोटे बच्चों को इसी स्थिति में पढ़ना पड़ रहा है. देखा जाये, तो यहां उनकी जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है. लेकिन जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग कान में तेल डालकर सोये हुए हैं. बताते चलें कि वहां पर उस समय बच्चे तो नहीं थे, लेकिन क्लास रूम में ही खाना बनाया जाता है. (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
जब सहिया से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यहां के गांव वालों ने किचन में अपने सामान भर कर रखा है, जिसके चलते क्लास रूम में ही खाना बनाना पड़ता है. एक सवाल किया गया कि अगर गैस सिलेंडर फट जाए या कोई दुर्घटना हो जाए तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा. इस पर सहिया का जवाब था कि गांव वालों ने इसकी जानकारी ली है. हालांकि इस संबंध में विभागीय पदाधिकारियों को जानकारी दी गयी है. (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
आंगनबाड़ी केंद्र के पड़ोस के स्कूल के प्रभारी ने इस संबंध में पूछने पर बताया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है. अब जानकारी मिली है. उसे जाकर देखेंगे और ऐसा करने से रोका जायेगा. वह इस संबंध में अधिक कुछ नहीं बोल पाये. (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
दूसरी ओर आंगबाड़ी केंद्र में कार्यरत सेवाका ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में अपने सुपरवाइजर को जानकारी दी है. उनके स्तर से वरीय पदाधिकारियों को सूचित किया गया या नहीं, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. पार्षद को बुला कर गांव वालों से किचन से सामान हटा लेने का आग्रह किया गया था. बावजूद उनके द्वारा सामान नहीं हटाया गया. ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई घटना होती है, तो वे इसके लिए जिम्मेदार होंगे.




