अनिल कुमार / बोकारो : बोकारो के बालीडीह औद्योगिक क्षेत्र बियाड़ा में भारत पेट्रोलियम के बॉटलिंग प्लांट परिसर में पिछले तीन वर्षों से आदिवासियों का सबसे बड़ा धर्म स्थल सरना स्थान है। इस कारण आदिवासी परिवार यहां पूजा-पाठ नहीं कर पा रहे हैं। सरना स्थल में पूजा-पाठ, इसे बाहर स्थापित करने एवं स्थानीय बेरोजगारों के नियोजन की मांग को लेकर प्लांट के मुख्य गेट को जिला परिषद सदस्य की अगुवाई में स्थानीय लोगों ने जाम कर दिया। इस दौरान सभी ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और इसे प्रबंधन की मनमानी बताते हुए आदिवासियों के धर्म के साथ खिलवाड़ बताया। (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि जनवरी महीने में 1 से 10 तारीख तक धरना स्थल से मिट्टी ले जाकर अपने रीति-रिवाज से दूसरे जगह सरना स्थल स्थापित कर सकते हैं। जिसके लिए कई विधि-विधान हैं। महिला ने कहा कि जब हमारे बाल-बच्चे इस कारण मर रहे हैं तो आखिर हम महिला रह कर क्या करेंगे। प्रबंधन के पास हम लोग लगातार इसके लिए आ रहे हैं, लेकिन प्रबंधन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। हम चाहते हैं कि हमारे सरना स्थल को बाहर स्थापित करने में प्रबंधन हमारी मदद करे। (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
जिला परिषद सदस्य निशा हेंब्रम ने कहा कि यहां आदिवासियों के धर्म के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हम चाहते हैं कि प्रबंधन और सरकार इस पर ध्यान दें और आदिवासियों की संस्कृति को बचाने का काम करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 75 फीसदी स्थानीय बेरोजगारों को निजी कंपनियों में नौकरी देने की घोषणा कर चुकी है, लेकिन प्रबंधन स्थानीय लोगों को रखने के बजाय उन्हें काम से निकालने का काम कर रहा है। (नीचे भी पढ़ें और वीडियो देखें)
मौके पर बालीडीह थाना के एएसआई महेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्व से किसी तरह की सूचना गेट जाम को लेकर नहीं थी। प्रबंधन से इनकी बात कराई जाएगी। सरना स्थल को लेकर भी प्रबंधन से इनको बात कराने का प्रयास किया जायेगा।



