रांची : झारखंड पुलिस ने कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा को मार गिराया है. इसके साथ ही अपराध जगत का बड़ा नाम अब दुनिया से चला गया है. इस कांड के बाद अब उसकी करतूतों की फेहरिश्त खुलती नजर आ रही है. सुजीत सिन्हा जमशेदपुर स्थित घाघीडीह सेंट्रल जेल में भी रखा गया था. पलामू से उसको यहां लाया गया था. घाघीडीह जेल से भी वह संगठित अपराध चला रहा था. इसी जेल में सुजीत सिन्हा ने जमशेदपुर के गैंगस्टर अखिलेश सिंह की हत्या की पूरी योजना बनायी थी. अखिलेश सिंह अभी दुमका जेल में बंद है. अखिलेश सिंह के पुराने करीबी से दुश्मन बने बिहार के बक्सर जिले के कृष्णाब्रह्म ढकाइच निवासी सुधीर दुबे ने ही सुजीत सिन्हा से इसके लिए संपर्क किया था. सुजीत सिन्हा को सुधीर दुबे ने यह लालच दी थी कि अखिलेश सिंह अगर मारा जाता है तो फिर करोड़ों के रंगदारी की वसूली उनके पास आने लगेगी क्योंकि अखिलेश सिंह को करोड़ों रुपये साल में रंगदारी के तौर पर आता है. इसके बाद हत्या की योजना बनायी गयी. यह तय किया गया कि आने जाने के दौरान ही अखिलेश सिंह को अत्याधुनिक एके 47 से मार गिराया जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)
इसके लिए नागालैंड से पिस्तौल और एक एके 47 राइफल मंगायी गयी. करीब 10 लाख रुपये में ये अत्याधुनिक हथियार खरीदे गये. इस मामले में सीआइडी के पूर्व डीएसपी अनिमेश गुप्ता ने परसुडीह थाना में नवंबर 2019 में एक केस दायर कराया था, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि जेल से ही गिरोह का संचालन सुजीत सिन्हा कर रहा है. इसके बाद सीआइडी ने उसको रिमांड पर लेकर तीन दिनों तक पूछताछ की थी. इसके बाद यहां से उसको अन्य सारे जेलों में भेज दिया गया, लेकिन इस बीच वह पुलिस इनकाउंटर में मारा गया. जामताड़ा जिले में साहिबगंज मंडल कारागार से धनबाद जेल में शिफ्टिंग करने के दौरान ही यह मुठभेड़ हुई, जिसमें सुजीत सिन्हा मारा गया.




