
जमशेदपुर : सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का एक प्रतिनिधिमडंल कांग्रेस के ओबीसी प्रकोष्ठ के कोल्हान प्रभारी धर्मेंद्र सोनकर के साथ झारखण्ड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख से उनके रांची स्थित कार्यालय में मिला। इस दौरान कृषि उपजों पर बाजार समिति कर लगाने के सरकार के विचार पर व्यापारियों के पक्ष को रखते हुए एक ज्ञापन सौंपा। मंत्री श्री पत्रलेख को बताया गया कि बाजार समिति टैक्स लगने से पुनः भ्रष्टाचार, इंस्पेक्टराज कायम हो जायेगा। अगल-बगल के राज्यों में कृषि उपजों पर कोई कर नहीं है। बाजार समिति के व्यापारी तो कर जोड़ कर माल बेचेंगे, जबकि 80% व्यापार बाजार समितियों से बाहर होता है, वे स्वतन्त्र रहेंगे। सत्यनारायण अग्रवाल ने बताया कि बाजार समिति टैक्स के रूप में वसूली गई राशि बहुत नाममात्र की होती है एवं उस पर भी राज्य सरकार का सीधे अधिकार नहीं होता है। मंत्री को बताया गया कि आज तक राज्य की किसी बाजार समिति में पेयजल नहीं है, जो चापाकल का पानी उपलब्ध है वह पीने लायक नहीं है, शौचालय नहीं हैं, सड़कें दुकानें गोदाम जर्जर अवस्था में है। राज्य सरकार वास्तव में बाजार समितियों का विकास करना चाहती है तो अन्य राज्यों की तरह बाजार समितियों की दुकानें व्यापारियों को लीज पर दे दिया जाये। दुकानों की छतों पर घर बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। किसानों के विकास के लिए स्मार्ट कृषि विकास केन्द्र, विश्राम भवन, मजदूरों के लिए आवास, क़ृषि उपज के उचित मूल्य दिलाने के प्रयास किये जाएं। दुकान भाड़े में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जाए। मंत्री श्री पत्रलेख ने सभी बातों को गंभीरता से सुना एवं कहा कि विचार-विमर्श हो रहा है कि बाजार समितियों का विकास कैसे हो, राज्य में राजस्व कैसे वृद्धि हो टैक्स लगाने की बातों से घबराने की जरूरत नहीं है, मैं स्वंय पंजाब, गुजरात की बाजार समितियों का भ्रमण करूंगा। झारखण्ड की बाजार समितियों को देखूगां, व्यापारियों के संगठनों के साथ बात की जाएगी तब कोई निर्णय लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, इंस्पेक्टराज की स्थापना नहीं होगी। उन्होंने ऐसा आश्वाशन दिया। प्रतिनिधिमंडल में चैंबर के अध्यक्ष अशोक भालोटिया, पूर्व अध्यक्ष सुरेश सांथोलिया, विजय आनंद मूनका, नितेश धूत, उपाध्यक्ष दिनेश चौधरी, सचिव महेश सांथोलिया व सत्यनारायण अग्रवाल शामिल थे।







