तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के अगले दिन अयातुल्ला अलीरेजा आराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 67 साल के आराफी अली खामेनेई के करीबी माने जाते हैं और लंबे समय से ईरान की धार्मिक-राजनीतिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाते रहे हैं.आराफी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के उपाध्यक्ष हैं, जो सुप्रीम लीडर की नियुक्ति करती है. वे गार्जियन काउंसिल के सदस्य भी रह चुके हैं और फिलहाल ईरान की सेमिनरी प्रणाली का नेतृत्व कर रहे हैं.अब स्थायी सुप्रीम लीडर का चयन असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स करेगी. (नीचे भी पढ़े)

खामनेई के मारे जाने पर ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टी घोषित कर दी गई है. ईरानी इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा, ‘हमने एक महान नेता खो दिया है और पूरा देश शोक मना रहा है. इधर ईरानी सेना ने कहा कि वह सबसे खतरनाक अभियान की शुरुआत करने जा रही है. हमला कुछ देर में शुरू होगा और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा.इस बीच इजराइल की वायु सेना का कहना है कि उसने अमेरिका के साथ संयुक्त हमले में पिछले एक दिन में ईरान पर 1,200 से ज्यादा बम गिराए हैं. इन हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है. उनके ऑफिस कॉम्प्लेक्स पर शनिवार को 30 मिसाइलों से हमला हुआ था. हमले में उनकी बेटी-दामाद, बहू और पोती समेत कॉम्प्लेक्स में मौजूद 40 कमांडर्स भी मारे गए हैं. (नीचे भी पढ़े)
हमले के समय खामनेई कमांडर्स के साथ मीटिंग कर रहे थे. इजराइल के प्रधानमंती नेतन्याहू ने खामनेई के मारे जाने की बात कही थी. इसके कुछ देर बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी उनके मारे जाने का दावा किया था. रविवार सुबह ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी ‘तसनीम’और ‘फार्स’ने इसकी पुष्टि की.इजराइल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत 10 बड़े शहरों को निशाना बनाया. हमलों से अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 148 छात्राओं की मौत हो गई और 45 घायल हैं. ईरान ने भी देशों पर जवाबी हमले किए थे.








