
जमशेदपुर : थर्ड मार्च को जुबली पार्क समेत जमशेदपुर के अन्य क्षेत्रों में विशेष लाइटिंग के लिए जाने जाना वाले अपना शहर मंगलवार शाम तेज आंधी व बारिश के कारण पिछले 10 साल में पहली बार अंधेरे में रहेगा। क्योंकि आंधी बारिश में कई तार टूट चुके हैं और वहीं रुक रुक कर हो रही बारिश की वजह से सुरक्षा को ध्यान में रख कंपनी की ओर से लाइटिंग आन नहीं करने का का निर्णय लिया है। थर्ड मार्च के लिए जुबिली पार्क, भाटिया पार्क, नीलडीह, बिष्टुपुर गोलचक्कर, साकची गोलचक्कर, जुस्को, टीएमएच, टाटा वर्कर्स सहित शहर के कई छोटे-बड़े पार्कों को टिमटिमाते बल्लों से सजाया गया था। लेकिन मंगलवार शाम हुई तेज हवाओं के बाद रूक-रूक जो बारिश हुई। उसके कारण टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व में जुस्को) ने सेफ्टी कारणों से जुबिली पार्क सहित सभी पार्कों की लाइटिंग नहीं शुरू करने का निर्णय लिया है। जुबिली पार्क के अंदर घास व पेड-पौधों पर भी लाइटिंग के लिए मिनी लाइट से लेकर कई तरह के बल्ब सजाए गए हैं जो पानी के कारण भीग चुके हैं। ऐसे में लाइटिंग करने से कोई जान-माल का नुकसान न हो। इसलिए मंगलवार शाम की लाइटिंग चालू नहीं करने का निर्णय लिया गया है। जुबिली पार्क में तीन से पांच तारीख तक शाम शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक लाइटिंग होनी थी। हालांकि जुस्को प्रबंधन का कहना है कि लाइटिंग की अवधि एक दिन और बढ़ेगी या नहीं। इस पर बुधवार को निर्णय लिया जाएगा। जुबिली पार्क की लाइटिंग को देखने के लिए दूर-दूर से सैलानी शहर पहुंचते हैं।
नहीं दी गई पार्क में इंट्री
शाम से ही रूक-रूक कर हो रही बारिश के बावजूद भी साकची गेट की ओर बड़ी संख्या में सैलानी अंदर घुसने के लिए छाता लेकर लाइन लगाए खड़े थे। लेकिन बारिश के कारण उन्हें अंदर घुसने नहीं दिया गया। इससे काफी लोग नाराज भी हुए।
ठेले खोमचे वाले हुए निराश
बारिश की वजह से 200 सौ से अधिक ठेला खोमचा वालों का कारोबार प्रभावित हुआ। जुबिली पार्क के साकची व सेंटर फॉर एक्सीलेंस छोर में सड़क किनारे ठेले-खोमचे वालों की भीड़ लगी है। लेकिन बारिश ने उनके व्यापार पर भी असर डाला है। बारिश होने के कारण कई लोग जो लाइटिंग देखने की योजना बना रहे थे। घरों में ही दुबके रहे वहीं जो आए भी थे बारिश के कारण वैसे ही वापस लौट गए।






